इजराइल में भारतीय UPI चलेगा: मोदी–नेतन्याहू की बैठक में डिजिटल भुगतान समझौता
तेल अवीव, 27 फ़रवरी 2026 । भारत की डिजिटल क्रांति को वैश्विक विस्तार देते हुए अब इजराइल में भारतीय UPI सेवा लागू करने पर सहमति बनी है। यह फैसला भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की हालिया बैठक में हुए समझौते के बाद सामने आया। इस पहल को भारत-इजराइल रणनीतिक साझेदारी के नए आयाम के रूप में देखा जा रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी ने इजराइल दौरे का आज आखिरी दिन हैं। मोदी दौरे के दूसरे दिन सबसे पहले यरूशलम के होलोकॉस्ट मेमोरियल ‘याद वाशेम’ पहुंचे। यहां उन्होंने हिटलर के नाजी शासन में मारे गए 60 लाख यहूदियों को श्रद्धांजलि दी।
इसके बाद इजराइली राष्ट्रपति इसाक हर्जोग से मुलाकात की। इस दौरान इसाक ने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ी है, जो पूरी दुनिया का ध्यान खींच रही है। वहीं, पीएम मोदी ने इजराइली राष्ट्रपति को भारत आने का न्योता दिया।
फिर पीएम मोदी और इजराइली पीएम नेतन्याहू ने द्विपक्षीय मीटिंग के बाद जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान बताया गया है कि इजराइल में भी अब भारत का UPI पेमेंट सिस्टम चलेगा। PM मोदी ने कहा कि भारत जल्द इजराइल के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) करेगा।
मोदी बुधवार को इजराइल पहुंचे थे। नेतन्याहू और उनकी पत्नी सारा ने एयरपोर्ट पर मोदी को रिसीव किया था। इसके बाद पीएम मोदी ने इजराइली संसद नेसेट को भी संबोधित किया। उन्हें संसद का सर्वोच्च सम्मान ‘स्पीकर ऑफ द नेसेट मेडल’ दिया गया। मोदी नेसेट को संबोधित करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बने।
क्या है समझौते का महत्व?
UPI (यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस) भारत की सबसे सफल डिजिटल भुगतान प्रणाली है, जिसे National Payments Corporation of India (NPCI) संचालित करता है। इजराइल में UPI के लागू होने से भारतीय पर्यटक, व्यवसायी और प्रवासी भारतीय सीधे अपने भारतीय बैंक खातों से डिजिटल भुगतान कर सकेंगे।
इजराइल भारत का एक महत्वपूर्ण रणनीतिक और तकनीकी साझेदार है। दोनों देशों के बीच रक्षा, कृषि, साइबर सुरक्षा और स्टार्टअप सेक्टर में सहयोग पहले से मजबूत है। अब डिजिटल पेमेंट कनेक्टिविटी जुड़ने से व्यापारिक लेनदेन तेज और पारदर्शी होंगे।
भारतीय पर्यटकों के लिए यह सुविधा विशेष रूप से लाभकारी होगी, क्योंकि वे बिना करेंसी एक्सचेंज की झंझट के सीधे UPI से भुगतान कर सकेंगे।
मोदी-नेतन्याहू बैठक में हुआ यह समझौता केवल तकनीकी साझेदारी नहीं, बल्कि भारत-इजराइल संबंधों के गहरे होते विश्वास का प्रतीक है। इजराइल में UPI की शुरुआत से दोनों देशों के बीच आर्थिक, तकनीकी और जन-संपर्क संबंधों को नई गति मिलने की उम्मीद है।


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