SCO में आतंकवाद के खिलाफ भारत की बड़ी जीत

SCO में आतंकवाद के खिलाफ भारत की बड़ी जीत

नई दिल्ली,01 सितंबर, शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की बैठक में भारत ने एक बार फिर वैश्विक स्तर पर आतंकवाद के खिलाफ अपनी सख्त नीति और मजबूत कूटनीतिक रुख को सामने रखा। इस बैठक में भारत की रणनीतिक पहल और कड़े तर्कों ने आतंकवाद के मुद्दे पर न केवल सभी सदस्य देशों का ध्यान खींचा बल्कि उसे एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक जीत भी दिलाई।

SCO क्या है और इसमें भारत की भूमिका

शंघाई सहयोग संगठन (SCO) एक क्षेत्रीय अंतरराष्ट्रीय संगठन है, जिसमें रूस, चीन, भारत, पाकिस्तान और मध्य एशियाई देश शामिल हैं। इसका मुख्य उद्देश्य सुरक्षा, आर्थिक सहयोग और क्षेत्रीय स्थिरता को बढ़ावा देना है। भारत 2017 में इसका पूर्ण सदस्य बना और तब से लगातार आतंकवाद के मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय मंच पर जोर-शोर से उठा रहा है।

बैठक में भारत का रुख

भारत ने स्पष्ट रूप से कहा कि आतंकवाद किसी भी रूप और किसी भी उद्देश्य से उचित नहीं ठहराया जा सकता। चाहे वह सीमा पार आतंकवाद हो, साइबर आतंकवाद हो या आतंकी संगठनों को आर्थिक मदद—सभी को सख्ती से रोकना जरूरी है। भारत ने इस बात पर जोर दिया कि आतंकवाद को “राज्य प्रायोजित” होने से सबसे ज्यादा खतरा है, और इसे समर्थन देने वाले देशों को जवाबदेह ठहराना चाहिए।

भारत की बड़ी जीत

इस बैठक की सबसे बड़ी उपलब्धि यह रही कि भारत के सुझावों को कई देशों ने समर्थन दिया। खासकर सभी सदस्य देशों ने आतंकवाद और चरमपंथ के खिलाफ साझा प्रतिबद्धता जताई। भारत ने यह भी सुनिश्चित किया कि बैठक के संयुक्त बयान में आतंकवाद की कड़ी निंदा की जाए और इसे क्षेत्रीय शांति और विकास में सबसे बड़ी बाधा माना जाए।

पाकिस्तान पर अप्रत्यक्ष दबाव

भारत ने बैठक में सीधे नाम लिए बिना पाकिस्तान पर भी निशाना साधा। सीमा पार आतंकवाद का जिक्र करते हुए भारत ने साफ किया कि आतंकवाद को पनाह देना और उसे आर्थिक मदद उपलब्ध कराना पूरी तरह अस्वीकार्य है। भारत की इस रणनीति का असर यह हुआ कि बैठक में पाकिस्तान कूटनीतिक तौर पर अलग-थलग पड़ गया।

क्षेत्रीय सुरक्षा में भारत की नेतृत्वकारी भूमिका

भारत का यह रुख न केवल SCO के दायरे में बल्कि वैश्विक स्तर पर उसकी छवि को और मजबूत करता है। भारत लगातार इस बात पर जोर देता रहा है कि आतंकवाद केवल किसी एक देश की समस्या नहीं है, बल्कि यह पूरी मानवता के लिए खतरा है। SCO में भारत की जीत से यह संदेश गया है कि क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता में भारत एक जिम्मेदार और मजबूत नेतृत्वकारी भूमिका निभा रहा है।

भविष्य के लिए संकेत

इस बैठक के बाद भारत के लिए रास्ता और साफ हुआ है कि वह अंतरराष्ट्रीय मंचों पर आतंकवाद के खिलाफ एकजुट कार्रवाई का दबाव बना सके। साथ ही, SCO जैसे बड़े संगठन में भारत की स्थिति और प्रभाव भी और मजबूत हो गया है।

SCO बैठक में भारत की यह बड़ी जीत केवल कूटनीतिक नहीं है, बल्कि यह आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक लड़ाई में एक महत्वपूर्ण पड़ाव भी है। भारत ने साबित कर दिया है कि वह न सिर्फ अपने लिए बल्कि पूरे क्षेत्र और विश्व की शांति के लिए प्रतिबद्ध है।