India का पासपोर्ट मजबूत, रैंकिंग 5 पायदान सुधरी: वीज़ा-फ्री एक्सेस में बढ़ोतरी
नई दिल्ली, 13 फ़रवरी 2026 । India के पासपोर्ट की वैश्विक रैंकिंग में हालिया सूचकांक में 5 पायदान का सुधार दर्ज किया गया है। इस उछाल का मुख्य कारण भारतीय नागरिकों को मिलने वाले वीज़ा-फ्री या वीज़ा-ऑन-अराइवल देशों की संख्या में वृद्धि माना जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, बेहतर कूटनीतिक संबंध, व्यापारिक समझौते और यात्रा सुगमता पर द्विपक्षीय पहलें इस सुधार के प्रमुख कारक हैं।
भारतीय पासपोर्ट की रैंकिंग में सुधार हुआ है। लेटेस्ट हेनले पासपोर्ट इंडेक्स (फरवरी 2026) के अनुसार, अब भारत का पासपोर्ट दुनिया के सबसे शक्तिशाली पासपोर्ट्स की सूची में 75वें स्थान पर पहुंच गया है।
साल की शुरुआत में यह 80वें स्थान पर था, यानी हाल ही में इसमें 5 स्थानों का सुधार हुआ है। इससे पहले 2025 में यह 85वें स्थान पर था, जिससे कुल मिलाकर 10 स्थानों की छलांग लगी है।
हेनले पासपोर्ट इंडेक्स दुनिया भर के लगभग 200 देशों के पासपोर्ट को रैंक करता है। यह रैंकिंग इस बात पर आधारित होती है कि उस देश के पासपोर्ट धारक कितने देशों में बिना वीजा के या वीजा ऑन अराइवल के साथ जा सकते हैं।
भारतीय पासपोर्ट धारकों को अब 56 देशों में वीजा-फ्री या वीजा ऑन अराइवल की सुविधा मिलती है। यह रैंकिंग इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (IATA) के ट्रैवल आंकड़ों के आधार पर तैयार की जाती है। इस इंडेक्स में पाकिस्तानी पासपोर्ट 97वें नंबर है। उसकी पोजिशन फिलिस्तीन (91), नार्थ कोरिया (94) और सोमालिया (96) से भी नीचे हैं।
पासपोर्ट रैंकिंग आमतौर पर इस आधार पर तय होती है कि धारक कितने देशों में बिना पूर्व वीज़ा के प्रवेश कर सकता है। भारतीय पासपोर्ट धारकों के लिए वीज़ा-फ्री/वीज़ा-ऑन-अराइवल गंतव्यों की संख्या 60+ के आसपास पहुंचने से गतिशीलता सूचकांक में बढ़त मिली है। यह सुधार पर्यटन, शिक्षा, स्टार्टअप नेटवर्किंग और वैश्विक कारोबार के अवसरों के लिहाज़ से सकारात्मक संकेत देता है।
विशेषज्ञ बताते हैं कि पासपोर्ट की मजबूती केवल यात्रा सुविधा नहीं, बल्कि देश की अंतरराष्ट्रीय विश्वसनीयता और आर्थिक साख का भी संकेतक होती है। हाल के वर्षों में डिजिटल वीज़ा प्रक्रियाओं, ई-पासपोर्ट रोलआउट और प्रवासी भारतीय नीतियों में सुधार ने भी समग्र छवि को मजबूत किया है।
हालांकि शीर्ष रैंक वाले देशों के पास 180+ गंतव्यों तक वीज़ा-फ्री पहुंच है, फिर भी 5 पायदान की छलांग भारत के लिए उल्लेखनीय है। आने वाले समय में और द्विपक्षीय समझौतों तथा क्षेत्रीय सहयोग से रैंकिंग में अतिरिक्त सुधार की संभावना जताई जा रही है।


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