भारत का पाकिस्तान को सख्त संदेश, आतंकवाद बंद होने पर ही बहाल होगी सिंधु जल संधि
नई दिल्ली, 07 मई 2026 । भारतने एक बार फिर पाकिस्तान को स्पष्ट संदेश देते हुए कहा है कि जब तक सीमा पार आतंकवाद पर पूरी तरह रोक नहीं लगती, तब तक दोनों देशों के बीच भरोसे की बहाली संभव नहीं है। भारत की ओर से यह भी संकेत दिया गया कि आतंकवाद और उग्रवाद को समर्थन देने वाली गतिविधियां जारी रहने की स्थिति में सिंधु जल संधि जैसे महत्वपूर्ण समझौतों पर सामान्य स्थिति बहाल करना मुश्किल होगा।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तान लंबे समय से आतंकवाद को “राज्य नीति” की तरह इस्तेमाल करता रहा है और भारत को अपनी सुरक्षा का पूरा अधिकार है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Randhir Jaiswal ने नई दिल्ली में प्रेस ब्रीफिंग के दौरान यह बयान दिया। उन्होंने कहा कि भारत ने पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद का “करारा जवाब” दिया था और आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक लड़ाई को मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रहा है। जायसवाल ने स्पष्ट शब्दों में कहा, “सिंधु जल संधि पाकिस्तान द्वारा सीमा पार आतंकवाद को बढ़ावा देने के जवाब में स्थगित रखी गई है।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, भारत का मानना है कि द्विपक्षीय संबंधों की बुनियाद शांति, विश्वास और आतंकवाद मुक्त वातावरण पर टिकी होनी चाहिए। भारत लंबे समय से पाकिस्तान पर सीमा पार आतंकवाद को समर्थन देने का आरोप लगाता रहा है। हाल के वर्षों में सुरक्षा और कूटनीतिक स्तर पर कई बार यह मुद्दा अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी उठाया गया है।
सिंधु जल संधि भारत और पाकिस्तान के बीच जल बंटवारे को लेकर एक महत्वपूर्ण समझौता रही है, लेकिन मौजूदा तनावपूर्ण संबंधों के बीच इस पर भी लगातार चर्चा होती रही है। भारतीय पक्ष का कहना है कि आतंकवाद और बातचीत साथ-साथ नहीं चल सकते। ऐसे में जब तक पाकिस्तान अपने रवैये में ठोस बदलाव नहीं दिखाता, तब तक रिश्तों में सामान्य स्थिति लौटना कठिन माना जा रहा है।
राजनीतिक और रणनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि भारत का यह रुख राष्ट्रीय सुरक्षा को प्राथमिकता देने की नीति का हिस्सा है। वहीं पाकिस्तान की ओर से भी समय-समय पर इस मुद्दे पर प्रतिक्रियाएं आती रही हैं। दोनों देशों के संबंध लंबे समय से कश्मीर, सीमा सुरक्षा और आतंकवाद जैसे मुद्दों के कारण तनावपूर्ण बने हुए हैं।


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