ईरान‑इजराइल सीज़फ़ायर: कतर अमीर की मध्यस्थता से बनी डील
इजराइल ,। 25 जून 25 । ईरान और इजराइल के बीच सीजफायर कतर के अमीर तमीम बिन हमद अल थानी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की मध्यस्थता के बाद हुई। ट्रम्प ने मंगलवार सुबह 3:32 बजे 12 दिनों से जारी जंग को लेकर इजराइल और ईरान के बीच सीजफायर की घोषणा की।
इजराइली मीडिया येरुसलम पोस्ट के मुताबिक ट्रम्प ने सीजफायर के पहले कतर के अमीर तमीम बिन हमद अल थानी से बात की थी। इसके बाद अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कतर के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुल रहमान बिन जसीम अल थानी से संपर्क किया।
ट्रम्प ने हमद अल थानी को बताया कि इजराइल सीजफायर के लिए तैयार है, और ईरान को मनाने के लिए मदद मांगी। ईरान-इजराइल के बीच सीजफायर के बाद ट्रम्प ने सोशल मीडिया ट्रुथ पर कतर के अमीर का आभार जताते हुए लिखा, "दुनिया को बधाई, अब शांति का समय है!"
ईरान ने पहले सीजफायर से इनकार किया था
यह बातचीत ईरान के कतर और इराक में अमेरिकी ठिकानों पर हमलों के बाद हुई। हालांकि, ट्रम्प के ऐलान के बाद ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराकची ने सीजफायर का फैसला खारिज कर दिया था। उन्होंने कहा, 'इजराइल के साथ अभी कोई अंतिम युद्धविराम समझौता नहीं हुआ है। अगर इजराइल, हमले रोक देता है, तो ईरान भी हमले नहीं करेगा।'
इसके कुछ ही देर बाद इजराइल पर 6 बार बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला हुआ। टाइम्स ऑफ इजराइल की रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक मिसाइल बीर्शेबा शहर में इमारत पर गिरी। मेडिकल टीम ने बताया कि हमले में 5 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 20 से ज्यादा घायल हैं।
ईरान का दावा- इजराइल ने सुबह 9 बजे तक हमले किए
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड के सेंट्रल हेडक्वार्टर ने दावा किया है कि इजराइल ने भारतीय समयानुसार सुबह 11 बजे (ईरान के सुबह 9 बजे) तक ईरान में हमले किए। ईरानी सरकारी टेलीविजन ने एक बयान के हवाले से यह जानकारी दी।
हालांकि, सुबह 6 बजे के बाद ईरान में इजराइली हमलों की कोई घटना नहीं हुई थी। ट्रम्प की तरफ से तय समय के मुताबिक, ईरान को सबसे पहले सुबह 9:30 बजे से सीजफायर का पालन करना था। इसके 12 घंटे बाद इजराइल के लिए सीजफायर मानने का समय तय था।


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