ईरान का स्पष्ट संदेश: यूरेनियम इनरिचमेंट बंद नहीं करेंगे
तेहरान, 09 फ़रवरी 2026 । ईरान ने अंतरराष्ट्रीय दबाव के बीच साफ कहा है कि वह यूरेनियम इनरिचमेंट (Uranium Enrichment) कार्यक्रम को बंद नहीं करेगा। तेहरान का कहना है कि यह उसका सार्वभौमिक अधिकार है और परमाणु ऊर्जा का उपयोग वह शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए कर रहा है।
ईरानी अधिकारियों के मुताबिक, परमाणु कार्यक्रम देश की ऊर्जा जरूरतों और वैज्ञानिक प्रगति से जुड़ा है। उन्होंने यह भी कहा कि बाहरी दबाव या प्रतिबंधों के आधार पर नीति में बदलाव नहीं किया जाएगा। वर्तमान में ईरान 20% और कुछ रिपोर्टों के अनुसार 60% तक यूरेनियम संवर्धन कर चुका है, जबकि परमाणु हथियार के लिए 90% शुद्धता आवश्यक मानी जाती है।
अमेरिका और यूरोपीय देशों ने ईरान से परमाणु समझौते (JCPOA) की शर्तों का पालन करने की अपील की है। उनका कहना है कि उच्च स्तर का संवर्धन क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा के लिए चिंता का विषय है। दूसरी ओर, ईरान का आरोप है कि पहले समझौते से अमेरिका के हटने के बाद प्रतिबंधों ने उसकी अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाया।
ईरान ने अमेरिका के दबाव को सख्ती से खारिज करते हुए कहा है कि वो अपना यूरेनियम संवर्धन (यूरेनियम इनरिचमेंट) प्रोग्राम किसी भी हाल में नहीं छोड़ेगा, चाहे उसे सैन्य धमकियां मिलें या नए प्रतिबंध लगाए जाएं।
रविवार को तेहरान में एक सार्वजनिक कार्यक्रम में ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि ईरान को डराकर उसकी परमाणु नीति नहीं बदली जा सकती और अमेरिका की मंशा पर हमें भरोसा नहीं है।
यह बयान ऐसे समय आया है जब कई सालों बाद ईरान और अमेरिका के बीच ओमान में बातचीत फिर से शुरू हुई है। ईरान चाहता है कि उस पर लगे कड़े आर्थिक प्रतिबंध हटें, जबकि अमेरिका ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर रोक चाहता है।


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