इजराइल-ईरान जंग का असर: दक्षिण कोरिया का बाजार 4% लुढ़का
नई दिल्ली, 03 मार्च 2026 । मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव और इजराइल-ईरान के बीच संभावित सैन्य टकराव की खबरों का असर वैश्विक बाजारों पर साफ दिखाई दिया। एशियाई शेयर बाजारों में बिकवाली बढ़ी और दक्षिण कोरिया का प्रमुख सूचकांक करीब 4% तक गिर गया।
अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग के बीच आज यानी 3 मार्च को एशियाई शेयर बाजारों में मिला जुला कारोबार है। वहीं होली पर आज भारतीय शेयर बाजार बंद हैं।
- जापान का निक्केई इंडेक्स 2.29% नीचे 56,700 के स्तर पर कारोबार कर रहा है।
- दक्षिण कोरिया का कोस्पी 4.03% गिरकर 6000 के स्तर पर कारोबार कर रहा है।
- चीन का शंघाई कंपोजिट4,180 और हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग 26,070 पर फ्लैट है।
- पाकिस्तान का KSE 30 इंडेक्स 0.78% चढ़कर 46,688 के स्तर पर है।
कच्चा तेल दो दिन में 13% चढ़ा
ब्रेंट क्रूड की कीमत आज 3% से ज्यादा चढ़कर 80 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई है। कल इसमें 10% की तेजी आई थी। यानी, दो दिन में ये 13% से ज्यादा चढ़ चुका है।
जानकारों का मानना है कि अगर यह तनाव और बढ़ा, तो तेल की कीमतें 120 डॉलर प्रति बैरल तक बढ़ सकती हैं। इसका असर भारत में पेट्रोल-डीजल पर दिख सकता है।
दिल्ली में पेट्रोल ₹95 लीटर से बढ़कर ₹100 तक पहुंच सकता है। वहीं डीजल ₹88 से बढ़कर ₹92 तक जा सकता है। अन्य शहरों में भी इसी तरह कीमतें बढ़ सकती है।
क्यों गिरा बाजार?
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तेल कीमतों में उछाल – मध्य-पूर्व में संघर्ष की आशंका से कच्चे तेल की कीमतें बढ़ीं, जिससे आयात-निर्भर अर्थव्यवस्थाओं पर दबाव बढ़ा।
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विदेशी निवेश की निकासी – जोखिम से बचने के लिए निवेशकों ने सुरक्षित विकल्पों की ओर रुख किया।
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तकनीकी और निर्यात सेक्टर पर दबाव – दक्षिण कोरिया की अर्थव्यवस्था निर्यात पर आधारित है, और वैश्विक अनिश्चितता से ऑर्डर व मांग प्रभावित हो सकती है।
यदि तनाव लंबा खिंचता है तो एशियाई अर्थव्यवस्थाओं, खासकर ऊर्जा आयात करने वाले देशों पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है। फिलहाल बाजार की नजर कूटनीतिक प्रयासों और संभावित युद्धविराम पर टिकी है।


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