इजराइली कैबिनेट की गाजा सिटी पर कब्जे को मंजूरी- 75% गाजा पर फोर्स का पहले ही कब्जा
इजराइल , 08 अगस्त ,2025 - इजराइल की सुरक्षा कैबिनेट ने शुक्रवार को गाजा पट्टी के उत्तरी इलाके में मौजूद गाजा सिटी पर कब्जे के लिए इजराइली सेना को मंजूरी दे दी है। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय ने बयान जारी कर इसकी पुष्टि की है। फैसले के लिए कैबिनेट ने 10 घंटे तक चर्चा की है।
इजराइली सेना (IDF) का कहना है कि गाजा के लगभग 75 प्रतिशत हिस्से पर उसका नियंत्रण है। गाजा पट्टी उस 25% इलाके में है, जो IDF के कब्जे में नहीं हैं।
इससे पहले नेतन्याहू ने पूरी गाजा पट्टी पर कब्जे की बात कही थी, लेकिन इस बयान में केवल गाजा सिटी का जिक्र है।
कैबिनेट ने जंग खत्म करने के बदले हमास के सामने 5 प्रमुख शर्तें भी रखी हैं-
- हमास का पूरी तरह हथियार डाले।
- बचे हुए सभी 50 बंधकों की रिहाई। (इनमें से 20 के जीवित होने की संभावना है)
- गाजा से सैन्य ताकतों का खात्मा।
- गाजा पर इजराइल का सुरक्षा नियंत्रण।
- गाजा में ऐसा वैकल्पिक नागरिक प्रशासन बनाना जो न तो हमास हो और न ही फिलिस्तीनी प्राधिकरण।
नेतन्याहू बोले- गाजा को अपने पास रखने का इरादा नहीं
नेतन्याहू ने गुरुवार रात कहा था कि जंग के बाद के लिए एक प्लान बनाया जाएगा। इसमें इजराइल गाजा पर नागरिक शासन नहीं करेगा और न ही फिलिस्तीनी अथॉरिटी को इसमें कोई भूमिका दी जाएगी।
नेतन्याहू के मुताबिक इजराइल गाजा का सुरक्षा घेरा बनाकर रखेगा, लेकिन में प्रशासन में शामिल नहीं रहेगा।
सेना प्रमुख पूरे गाजा पर कब्जे के खिलाफ थे
नेतन्याहू ने पूरे गाजा पर कब्जे का प्लान बनाया था। इसे बिग गाजा प्लान नाम दिया गया था। हालांकि, उनके प्लान पर सेना से सहमति नहीं बन पाई थी।
इजराइली डिफेंस फोर्स (IDF) के चीफ ऑफ स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल एयाल जमीर ने योजना पर आपत्ति जताई थी। इससे इजराइली राजनीतिक और सैन्य नेतृत्व के बीच टकराव की स्थिति बन गई थी।
जमीर ने चेतावनी दी थी कि गाजा पर कब्जे की कोशिश से वहां बंधक 20 इजराइली नागरिकों की जान को गंभीर खतरा हो सकता है।


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