कन्नड़ एक्ट्रेस शनाया, जिसने भाई के टुकड़े करवाए
नई दिल्ली । 19 जुलाई 2025 । कन्नड़ की उभरती एक्ट्रेस शनाया काटवे जल्द ही एक बड़ी फिल्म ओंदु घंटैया काठे में नजर आने वाली थीं। उस रोज शनाया ने हुबली में एक प्रमोशन पार्टी रखी। वो हुबली में ही अपने माता-पिता और छोटे भाई के साथ रहती थीं। प्रमोशन में शनाया के माता-पिता भी पहुंचे थे, लेकिन भाई ने घर में रुकने का फैसला किया था। उस प्रमोशन पार्टी में शनाया की फिल्म से जुड़े कई लोग थे। प्रेस वालों को भी बढ़-चढ़कर बुलाया गया था और प्रमोशन को कामयाब बनाने के लिए धूमधाम का इंतजाम किया गया था। यहां खूब हंसी-ठिठोली हुई।
10 अप्रैल 2021
देर रात शनाया, पेरेंट्स के साथ घर पहुंचीं। थकान इस कदर थी कि वो सीधे कमरे में गईं और सो गईं। पेरेंट्स ने भी यही किया। अगली सुबह जब सबकी नींद खुली तो शनाया का भाई राकेश कहीं नजर नहीं आ रहा था। आमतौर पर वो बिना इत्तेला दिए कहीं जाता नहीं था। नाश्ते का समय हुआ, लेकिन राकेश की अब भी कोई खबर नहीं थी।
मां सोनिया काटवे ने फिक्रमंद होकर राकेश को कॉल किया, तो बेल गई, लेकिन किसी ने कॉल नहीं उठाया। शाम होने को थी, परिवार ने आसपास के सभी रिश्तेदारों और राकेश के दोस्तों से पूछताछ की, लेकिन कोई कुछ नहीं जानता था। आखिरकार परिवार ने थक-हारकर उसकी गुमशुदगी की शिकायत दर्ज करवाई। क्योंकि ये एक हाईप्रोफाइल मामला था, इसलिए पुलिस ने तत्काल उसकी तलाश शुरू कर दी।
12 अप्रैल 2021
दोपहर का समय था। हुबली से करीब 12 किलोमीटर दूर देवरगुदीहल जंगल है। इस जंगल के सूनसान इलाके से गुजरते हुए एक राहगीर को सड़क किनारे एक अटपटी चीज दिखी। वो करीब पहुंचा, तो मंजर भयावह था। एक फटी हुई सी पन्नी में किसी शख्स का अधजला सिर पड़ा था, जिसकी आंखें खुली हुई थीं। राहगीर सहम गया, उसने तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन में इसकी खबर दी। करीब आधे घंटे में पुलिस, फोरेंसिक टीम के साथ बताए गए पते पर पहुंची।
कटे हुए सिर के पास ही एक खून से सना कपड़ा भी मिला। पुलिस ने जांच आगे बढ़ाई तो कुछ कदमों की ही दूरी पर उन्हें एक कुआं मिला। कुएं में झांका गया तो वहां धड़ था। आसपास के इलाके से शरीर के कुछ और टुकड़े भी मिले।
खबर फैलते ही जंगल के आसपास के इलाकों में दहशत फैल गई। कटे हुए सिर की तस्वीरें सभी नजदीकी पुलिस स्टेशन में भेजी गई। ये तस्वीर उस पुलिस स्टेशन तक भी पहुंच गई, जहां एक्ट्रेस शनाया कपूर के भाई राकेश काटवे की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज थी। उम्र, कद-काठी और जमा करवाई गई तस्वीरों से पुलिस को शक हुआ कि कहीं ये लाश के टुकड़े राकेश काटवे के तो नहीं। उन्होंने तुरंत शनाया और उसके परिवार को पहचान करने के लिए पुलिस स्टेशन बुलाया।
जैसे ही सिर की तस्वीरें शनाया के पिता को दिखाई गईं, वो बेसुध फर्श पर गिर पड़े। कुछ देर बाद होश आया तो वो फूट-फूटकर रोने लगे। वो तस्वीर उनके लाडले बेटे राकेश की ही थी। उन्होंने हाथों की उंगलियों से धड़ की भी पहचान कर ली थी। डीएनए टेस्ट से बाकी शरीर की भी पुष्टि हुई।
हर किसी का सवाल बस यही था कि एक नौजवान लड़का, जिसकी न तो किसी से कोई दुश्मनी है और न ही वो किसी गलत संगत में, ऐसे लड़के की इस बर्बरता से हत्या आखिर कौन और क्यों करवा सकता है।


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