2025 में कोहली बने भारत के टॉप वनडे स्कोरर – निरंतरता, तकनीक और क्लास का बेहतरीन संगम
नई दिल्ली, 2025 भारतीय क्रिकेट के लिए कई उतार-चढ़ाव से भरा रहा, लेकिन इस पूरे कैलेंडर वर्ष में एक नाम लगातार चमकता रहा—विराट कोहली। अपनी शानदार फिटनेस, अडिग एकाग्रता और तकनीकी श्रेष्ठता के दम पर कोहली 2025 में भारत के टॉप वनडे रन-स्कोरर बन गए। यह उपलब्धि न सिर्फ उनके अनुभव का प्रमाण है, बल्कि इस तथ्य को भी उजागर करती है कि उम्र बढ़ने के बावजूद उनका खेल और भी ज्यादा परिष्कृत होता जा रहा है।
टीम इंडिया की 2025 में आखिरी क्रिकेट सीरीज आज से शुरू होने जा रही है। टेस्ट और वनडे फॉर्मेट में साउथ अफ्रीका के खिलाफ साल की आखिरी सीरीज खेलने के बाद टीम अब इसी टीम के खिलाफ टी-20 में भी आखिरी सीरीज खेलेगी। सीरीज 19 दिसंबर तक चलेगी।
2025 में शुभमन गिल ने भारत के लिए सबसे ज्यादा इंटरनेशनल रन बनाए। वहीं विराट कोहली वनडे के टॉप स्कोरर रहे। गेंदबाजों में कुलदीप ने तीनों फॉर्मेट में देश के लिए सबसे ज्यादा विकेट निकाले। अब टी-20 सीरीज में अभिषेक शर्मा और वरुण चक्रवर्ती के पास देश के टॉप प्लेयर बनकर साल खत्म करने का मौका है।
भारत के लिए टेस्ट और टी-20 फॉर्मेट से संन्यास ले चुके विराट कोहली ने इस साल वनडे में सबसे ज्यादा रन बनाए। साउथ अफ्रीका के खिलाफ आखिरी सीरीज में वे प्लेयर ऑफ द सीरीज भी बने। भारत की चैंपियंस ट्रॉफी जीत में उन्होंने पाकिस्तान और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 2 अहम पारियां भी खेलीं।
कोहली ने दूसरे नंबर पर मौजूद रोहित शर्मा से महज 1 रन ज्यादा बनाया। साउथ अफ्रीका के खिलाफ आखिरी वनडे में रोहित ने 75 रन बनाए। जबकि कोहली ने 65 रन बनाकर उन्हें पीछे छोड़ दिया। वनडे में ओवरऑल इंग्लैंड के जो रूट ने सबसे ज्यादा 808 रन बनाए। कोहली दुनिया में 8वें नंबर पर रहे।
टीम इंडिया के 2025 मिशन में अहम भूमिका
वर्ष 2025 भारत के लिए कई महत्वपूर्ण टूर्नामेंटों और द्विपक्षीय सीरीजों का दौर रहा। कोहली की फॉर्म ने मध्य क्रम को मजबूती दी और टीम के रन-चेज़ की सफलता दर को बढ़ाया। उनके अनुभव और मैच फिनिशिंग कौशल का भारत की रणनीति में अमूल्य योगदान रहा।
विराट कोहली का 2025 में भारत का शीर्ष वनडे स्कोरर बनना आकस्मिक नहीं, बल्कि उनकी निरंतर मेहनत, अनुशासन और खेल के प्रति जुनून का परिणाम है।
उनका यह वर्ष साबित करता है कि क्रिकेट सिर्फ प्रतिभा नहीं, बल्कि समर्पण, फिटनेस और मानसिक संतुलन का खेल है—और कोहली इन सभी का जीवंत उदाहरण हैं।


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