हरियाणा में ACB का बड़ा एक्शन: IDFC First Bank घोटाला मामले में 5 आरोपी गिरफ्तार, सरकारी अफसरों पर भी कार्रवाई की तैयारी

हरियाणा में ACB का बड़ा एक्शन: IDFC First Bank घोटाला मामले में 5 आरोपी गिरफ्तार, सरकारी अफसरों पर भी कार्रवाई की तैयारी

हरियाणा , 25 फ़रवरी 2026 । हरियाणा में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने कथित बैंकिंग घोटाले के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मामला IDFC First Bank से जुड़ी वित्तीय अनियमितताओं से संबंधित बताया जा रहा है। जांच एजेंसियों के अनुसार, सरकारी अधिकारियों और निजी व्यक्तियों की मिलीभगत से लेनदेन में गड़बड़ी की आशंका है।

हरियाणा के IDFC First Bank घोटाले के मामले में मंगलवार देर रात मास्टरमाइंड रिभव ऋषि समेत 5 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने देर रात छापेमारी के बाद पांचों आरोपियों को गिरफ्तार करने में कामयाब हो पाई है. अभी ACB ने ये खुलासा नहीं किया है इनमें कितने IDFC बैंक के कर्मचारी और कितने बाहरी लोग हैं. पुलिस जांच में पता चला है कि मास्टरमाइंड रिभव ऋषि इससे पहले IDFC First Bank का मैनेजर रह चुका है. फिलहाल चंडीगढ़ के नजदीक पंजाब के जीरकपुर के AU Small Bank में मैनेजर के पद पर तैनात था. रिभव ऋषि ने ही फर्जी कंपनियां बनाकर सरकारी पैसे के गबन की साजिश रची थी. रिभव ने ही अपने साथियों के साथ मिलकर हरियाणा के सरकारी डिपार्टमेंट के खातों में 590 करोड़ रुपए निकाले थे. गिरफ्तार आरोपियों में मास्टरमाइंड रिभव ऋषि, अभिषेक सिंगला, अभय, स्वाति और एक अन्य शामिल हैं.

सूत्रों के मुताबिक, ACB को प्रारंभिक जांच में संदिग्ध ट्रांजैक्शन और नियमों के उल्लंघन के संकेत मिले थे। इसके बाद छापेमारी और पूछताछ की कार्रवाई की गई, जिसके आधार पर पांच लोगों को हिरासत में लिया गया। आरोप है कि सरकारी प्रक्रियाओं में हेरफेर कर बैंकिंग लेनदेन को लाभ पहुंचाने की कोशिश की गई।

ACB अधिकारियों का कहना है कि जांच अभी जारी है और संबंधित दस्तावेजों, डिजिटल रिकॉर्ड तथा बैंक खातों की गहन पड़ताल की जा रही है। यदि सरकारी अफसरों की संलिप्तता प्रमाणित होती है, तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।

मामले की गंभीरता को देखते हुए वित्तीय लेनदेन की फॉरेंसिक ऑडिट कराई जा सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की सख्त कार्रवाई से भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने का संदेश जाता है और प्रशासनिक पारदर्शिता को बढ़ावा मिलता है।

फिलहाल गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और आगे और गिरफ्तारियां संभव बताई जा रही हैं।