चंडीगढ़ ग्रेनेड ब्लास्ट केस में बड़ी कार्रवाई—हरियाणा से 2 मुख्य आरोपी गिरफ्तार, कुल 7 गिरफ्तारी

चंडीगढ़ ग्रेनेड ब्लास्ट केस में बड़ी कार्रवाई—हरियाणा से 2 मुख्य आरोपी गिरफ्तार, कुल 7 गिरफ्तारी

चंडीगढ़/ रेवाड़ी , 06 अप्रैल 2026 ।  चंडीगढ़ में हुए ग्रेनेड ब्लास्ट मामले में सुरक्षा एजेंसियों को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने हरियाणा से दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जिसके साथ ही इस केस में अब तक कुल 7 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इस कार्रवाई को जांच एजेंसियों के लिए अहम सफलता माना जा रहा है।

डी.जी.पी. गौरव यादव ने प्रैस कॉन्फ्रेंस में बताया कि ताजा गिरफ्तारियों के बाद इस मामले में शामिल सभी 7 आरोपी अब पुलिस हिरासत में हैं। उनके साथ ए.डी.जी.पी. काऊंटर इंटैलीजैंस अमित प्रसाद, ए.डी.जी.पी. आंतरिक सुरक्षा एस.के. वर्मा, आई.जी.पी. इंटैलीजैस डा. सुखचैन सिंह गिल और ए.आई.जी. एस.एस.ओ.सी. एस.ए. एस. नगर दीपक पारेख भी मौजूद थे। डी.जी.पी. ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों को आई. एस. आई. समर्थित विदेशी हैंडलरों पुर्तगाल में बैठे बलजोत सिंह उर्फ जोट और जर्मनी में मौजूद हरजीत सिंह लाडी द्वारा निर्देशित किया जा रहा था। हमले को अंजाम देने के लिए उन्हें 2 लाख रुपए का ईनाम देने का लालच दिया गया था। उन्होंने बताया कि विदेशी हैंडलरों के निर्देश पर आरोपियों ने हमले की योजना बनाई और उसे अंजाम देने के लिए कई सब-मॉड्यूल और संपर्क सूत्रों का इस्तेमाल किया।

सूत्रों के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए आरोपी इस हमले की साजिश में सीधे तौर पर शामिल थे। जांच में सामने आया है कि इन आरोपियों ने ब्लास्ट की योजना बनाने, हथियारों की व्यवस्था करने और वारदात को अंजाम देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिस अब उनसे पूछताछ कर पूरे नेटवर्क और साजिश के पीछे के मास्टरमाइंड तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।

जांच एजेंसियों का कहना है कि इस मामले में कई राज्यों में फैले नेटवर्क के संकेत मिले हैं, जिसके चलते अन्य संदिग्धों की तलाश भी जारी है। गिरफ्तार आरोपियों से मिले इनपुट के आधार पर छापेमारी और तलाशी अभियान तेज कर दिया गया है।

इस घटना के बाद चंडीगढ़ और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया गया है। संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और हर आने-जाने वाले पर नजर रखी जा रही है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, शुरुआती जांच में यह भी पता चला है कि आरोपियों का संबंध कुछ संगठित आपराधिक या आतंकी नेटवर्क से हो सकता है, हालांकि इसकी पुष्टि के लिए अभी और जांच की जा रही है।

प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से दूर रहने की अपील की है। साथ ही, यह भरोसा दिलाया गया है कि मामले में शामिल सभी दोषियों को जल्द ही पकड़ लिया जाएगा और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

यह गिरफ्तारी इस बात का संकेत है कि सुरक्षा एजेंसियां इस तरह की घटनाओं को लेकर पूरी तरह सतर्क हैं और किसी भी साजिश को नाकाम करने के लिए लगातार कार्रवाई कर रही हैं।