हरियाणा में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की भूमिका में बड़ा बदलाव—जिला-वार शेड्यूल लागू, प्रशासनिक कार्यों में बढ़ेगी दक्षता
चंडीगढ़, 31 मार्च 2026 । हरियाणा सरकार ने 13,246 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के कार्यों में बड़ा बदलाव करते हुए नया निर्देश जारी किया है। अब इन कर्मचारियों को निर्धारित शेड्यूल के अनुसार अतिरिक्त जिम्मेदारियां निभानी होंगी, जिसके लिए हर जिले का अलग-अलग कार्य-तालिका (शेड्यूल) भी जारी कर दिया गया है।
मुख्य सचिव कार्यालय द्वारा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार अंबाला मंडल में 20 अप्रैल को 1451 कर्मचारियों का बायोमेट्रिक सत्यापन किया जाएगा। इनमें 1417 कर्मचारी विभिन्न विभागों में तैनात हैं, जबकि 34 कर्मचारी मंडल आयुक्त कार्यालय से संबद्ध हैं।
करनाल मंडल में 21 अप्रैल को कुल 1662 कर्मचारियों का सत्यापन किया जाएगा। इनमें से 1584 कर्मचारी विभागों में कार्यरत हैं जबकि 78 कर्मचारी मंडल आयुक्त कार्यालय से संबद्ध हैं। रोहतक मंडल में 22 और 23 अप्रैल को 3750 कर्मचारियों का सत्यापन किया जाएगा।
नए आदेश के तहत इन कर्मचारियों को सिर्फ पारंपरिक कार्यों तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि उन्हें सरकारी दफ्तरों, स्कूलों, स्वास्थ्य केंद्रों और अन्य विभागों में सफाई, रिकॉर्ड मेंटेनेंस, फील्ड सपोर्ट और जनसेवा से जुड़े कार्यों में भी लगाया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य प्रशासनिक कार्यों को अधिक व्यवस्थित और प्रभावी बनाना है।
जिला-वार शेड्यूल के जरिए यह सुनिश्चित किया गया है कि कर्मचारियों की तैनाती जरूरत के हिसाब से हो और किसी भी विभाग में स्टाफ की कमी महसूस न हो। इससे सरकारी सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार आने की उम्मीद जताई जा रही है।
हरियाणा सरकार का मानना है कि इस फैसले से न केवल कार्यक्षमता बढ़ेगी, बल्कि कर्मचारियों के काम का बेहतर उपयोग भी हो सकेगा। हालांकि, इस निर्णय को लेकर कर्मचारियों के बीच मिश्रित प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है—कुछ इसे सकारात्मक बदलाव मान रहे हैं, तो कुछ अतिरिक्त कार्यभार को लेकर चिंता जता रहे हैं।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कर्मचारियों को नई जिम्मेदारियों के लिए आवश्यक प्रशिक्षण भी दिया जाएगा, ताकि वे अपने कार्यों को सही तरीके से निभा सकें। साथ ही, कार्य के घंटे और सुविधाओं का भी ध्यान रखा जाएगा।
कुल मिलाकर, यह कदम सरकारी तंत्र को अधिक सक्रिय और परिणामोन्मुख बनाने की दिशा में एक अहम पहल माना जा रहा है, जिसका असर आने वाले समय में साफ दिखाई दे सकता है।


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