कानपुर किडनी कांड में बड़ा खुलासा: मास्टरमाइंड की पूछताछ में 16 डॉक्टरों के नाम सामने, 40+ अवैध सर्जरी का पर्दाफाश
कानपुर, 09 अप्रैल 2026 । कानपुर में सामने आए चर्चित किडनी स्कैंडल ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामले के मास्टरमाइंड से जेल में करीब 5 घंटे तक चली पूछताछ के दौरान चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं, जिनमें 16 डॉक्टरों के नाम सामने आए हैं।
पूछताछ में हुए बड़े खुलासे
शिवम अग्रवाल ने पुलिस के सामने कबूल किया है कि वह अब तक 6 से ज्यादा किडनी ट्रांसप्लांट खुद करवा चुका है। हालांकि, पुलिस सूत्रों का दावा है कि आरोपी के नेटवर्क के जरिए कानपुर में अब तक 40 से अधिक अवैध ट्रांसप्लांट किए जाने की जानकारी सामने आई है। आरोपी के बयान के आधार पर 16 बड़े डॉक्टरों के नाम सामने आए हैं। साथ ही 10 से ज्यादा नर्सिंग होम और अस्पतालों की भूमिका संदिग्ध पाई गई है। पूछताछ में खुलासा हुआ कि प्रिया अस्पताल और अहूजा अस्पताल जैसे संस्थानों में नियमों को ताक पर रखकर अवैध तरीके से किडनी बदली जाती थी। यह रैकेट सिर्फ यूपी तक सीमित नहीं था, बल्कि इसके तार दिल्ली और उत्तराखंड तक भी जुड़े हुए हैं।
जांच एजेंसियों के अनुसार, इस गिरोह ने अब तक 40 से ज्यादा अवैध किडनी सर्जरी करवाईं। गरीब और जरूरतमंद लोगों को लालच देकर या धोखे से किडनी निकलवाने के मामले सामने आए हैं। पूछताछ में यह भी सामने आया कि पूरे नेटवर्क में अस्पतालों, बिचौलियों और मेडिकल स्टाफ की मिलीभगत थी।
अधिकारियों ने बताया कि मास्टरमाइंड ने कई महत्वपूर्ण जानकारियां दी हैं, जिसके आधार पर अब अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी और जांच तेज कर दी गई है। संबंधित डॉक्टरों और अस्पतालों की भूमिका की भी गहराई से जांच की जा रही है।
इस मामले के सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन अलर्ट मोड में है। अवैध अंग प्रत्यारोपण पर सख्ती बढ़ाने और नियमों के पालन को सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए गए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला न केवल मेडिकल एथिक्स पर सवाल उठाता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए निगरानी तंत्र को और मजबूत करने की जरूरत है।


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