मोदी-जिनपिंग 31 अगस्त को करेंगे मुलाकात, होगी द्विपक्षीय बातचीत
नई दिल्ली । 28 अगस्त 2025 । भारत और चीन के बीच रिश्तों को नई दिशा देने के प्रयास तेज हो गए हैं। इसी क्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात 31 अगस्त को निर्धारित की गई है। यह बैठक अंतरराष्ट्रीय मंच पर हो रही बहुपक्षीय वार्ता के दौरान होगी, जहां दोनों नेता अलग से द्विपक्षीय बातचीत करेंगे।
सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में सीमा विवाद, व्यापारिक संबंध, क्षेत्रीय सुरक्षा और आपसी विश्वास बहाली जैसे मुद्दों पर चर्चा हो सकती है। दोनों देशों के बीच पिछले कुछ वर्षों से तनाव की स्थिति बनी हुई है, खासकर पूर्वी लद्दाख सीमा पर हुई झड़पों के बाद। ऐसे में यह मुलाकात दोनों देशों के रिश्तों में सुधार की दिशा में अहम कदम साबित हो सकती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत और चीन अगर बातचीत के जरिए विवाद सुलझाने की दिशा में ठोस पहल करते हैं, तो इसका सकारात्मक असर पूरे एशिया क्षेत्र की स्थिरता पर पड़ेगा। साथ ही व्यापार और निवेश के क्षेत्र में भी नए अवसर खुल सकते हैं।
भारत सरकार ने फिलहाल इस बैठक को "नियमित कूटनीतिक प्रक्रिया" का हिस्सा बताया है, लेकिन कूटनीतिक गलियारों में इसे काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब निगाहें 31 अगस्त की इस मुलाकात पर टिकी हैं कि क्या इससे दोनों देशों के संबंधों में कोई नया अध्याय शुरू होगा।
पिछले महीने जयशंकर ने चीन का दौरा किया
पिछले महीने विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने चीन का दौरा किया था, जहां उन्होंने राष्ट्रपति शी जिनपिंग और विदेश मंत्री वांग यी से मुलाकात की।
जयशंकर ने जल संसाधन डेटा शेयर करने, व्यापार प्रतिबंधों, LAC पर तनाव कम करने और आतंकवाद और उग्रवाद के खिलाफ कड़ा रुख अपनाने जैसे मुद्दों पर बात की थी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस मुलाकात ने मोदी की चीन यात्रा का रोडमैप तैयार किया था।
आखिरी बार रूस में मिले थे मोदी और जिनपिंग
मोदी और जिनपिंग ने आखिरी बार अक्टूबर 2024 में रूस के कजान में ब्रिक्स समिट के दौरान मुलाकात की थी। इस दौरान दोनों के बीच द्विपक्षीय बातचीत भी हुई थी।
50 मिनट की बातचीत में पीएम मोदी ने कहा था कि 'सीमा पर शांति और स्थिरता बनाए रखना हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए। आपसी विश्वास, आपसी सम्मान और आपसी संवेदनशीलता हमारे संबंधों की नींव बनी रहनी चाहिए।


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