NSDL IPO: संस्थागत शेयरहोल्डर्स को मिलेगा तकरीबन 39,900% तक का रिटर्न

NSDL IPO: संस्थागत शेयरहोल्डर्स को मिलेगा तकरीबन 39,900% तक का रिटर्न

नई दिल्ली, 26 जुलाई 2025 । भारत की सबसे बड़े डिपॉजिटरी NSDL का अपकमिंग IPO इसके शेयरहोल्डर्स के लिए पैसा बनाने का मशीन साबित होने वाला है। कंपनी के इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर जैसे- SBI, IDBI बैंक, NSE, HDFC बैंक और अन्य को उनके ओरिजिनल इन्वेस्टमेंट पर 39,900% तक का रिटर्न मिलने वाला है।

निवेशकों ने NSDL का शेयर 2 रुपए में खरीदा था जो अब 800 रुपए का हो गया है। NSDL ने अपने IPO के लिए 760 से 800 रुपए प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। अनलिस्टेड मार्केट में इसके शेयर अभी 1,025 रुपए पर ट्रेड कर रहे हैं।

30 जुलाई को ओपन होगा IPO

NSDL का आईपीओ 30 जुलाई 2025 को खुलेगा और 1 अगस्त 2025 को बंद होगा। एंकर इनवेस्टर्स के लिए IPO की बिडिंग एक दिन पहले यानी, 29 जुलाई को शुरू होगी।

  • मिनिमम लॉट: 18 शेयर, जिसके लिए 14,400 रुपए (800 रुपए x 18) चाहिए।
  • रिटेल इनवेस्टर्स: ज्यादा से ज्यादा 13 लॉट (234 शेयर) के लिए अप्लाई कर सकते हैं।
  • कर्मचारियों के लिए: 85,000 शेयर रिजर्व, जिन्हें 76 रुपए प्रति शेयर की छूट मिलेगी।

अनलिस्टेड मार्केट की तुलना में शेयर की कीमत 22% कम

NSDL ने शेयर प्राइस 760-800 रुपए रखी है, जो अनलिस्टेड मार्केट में चल रही ₹1,025 की कीमत से 22% कम है। अनलिस्टेड मार्केट में इसके शेयर पहले ₹1,275 के पीक पर थे।

ऐसा पहले भी देखा गया है। टाटा टेक्नोलॉजी, एचडीबी फाइनेंशियल सर्विसेज और पीबी फिनटेक जैसी कंपनियों ने भी अपने IPO की कीमत अनलिस्टेड मार्केट से कम रखी थी। इसका फायदा ये होता है कि लिस्टिंग के वक्त शेयर में अच्छा उछाल देखने को मिल सकता है।

कंपनी की फाइनेंशियल हेल्थ कैसी है?

वित्तीय वर्ष 2024-25 (FY25) में कंपनी का:

  • नेट प्रॉफिट: 343.12 करोड़ रुपए, जो पिछले साल के 275.45 करोड़ से 24.57% ज्यादा है।
  • रेवेन्यू: 1,535.19 करोड़ रुपए, जो FY24 के 1,365.71 करोड़ से 12.41% ज्यादा है।
  • मार्केट कैप: 800 रुपए की ऊपरी कीमत पर मार्केट कैप करीब 16,000 करोड़ रुपए होगा।

कंपनी का प्राइस-टू-अर्निंग्स (P/E) रेशियो 46.62 है, जो इसके कॉम्पटीटर सेंट्रल डिपॉजिटरी सर्विसेज लिमिटेड (CDSL) के 66.63 P/E से कम है।

क्या IPO में निवेश करना चाहिए?

NSDL का आईपीओ उन निवेशकों के लिए अच्छा मौका हो सकता है, जो लंबे समय के लिए निवेश करना चाहते हैं। कंपनी का बिजनेस मॉडल मजबूत है, क्योंकि ये भारत के बढ़ते शेयर बाजार का अहम हिस्सा है। साथ ही इसका वैल्यूएशन CDSL के मुकाबले सस्ता है।

अनलिस्टेड मार्केट में भी अच्छा प्रीमियम दिख रहा है। लेकिन, निवेश से पहले अपने फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह जरूर लें और मार्केट की स्थिति पर नजर रखें।

क्या है एनएसडीएल और इसका काम?

एनएसडीएल एक डिपॉजिटरी इंस्टीट्यूशन है। यानी ये आपके डीमैट अकाउंट में शेयर, बॉन्ड्स और दूसरी सिक्योरिटीज को डिजिटल फॉर्म में रखने का काम करता है।

जैसे बैंक में आपका पैसा सुरक्षित रखता है वैसे ही NSDL शेयरों को डीमैट अकाउंट में सुरक्षित रखता है। 1996 में बनी ये कंपनी आज देश की सबसे बड़ी डिपॉजिटरी है।