अफगानिस्तान में सुंदरता का नया रुझान: इंजेक्शन से बदलता चेहरा

अफगानिस्तान में सुंदरता का नया रुझान: इंजेक्शन से बदलता चेहरा

अफगानिस्तान , 17 सितम्बर 2025 : अफगानिस्तान में तालिबान के कट्टर शासन के बावजूद महिलाओं के बीच कॉस्मेटिक सर्जरी का कल्चर तेजी से पॉपुलर हुआ है।

यहां, करीब 20 क्लिनिक बोटॉक्स (झुर्रियों को कम करने के लिए इंजेक्शन), फेसलिफ्ट (ढीली त्वचा को टाइट करने के लिए) और हेयर ट्रांसप्लांट जैसी सेवाएं दे रहे हैं। इन क्लिनिक में पुरुष और महिलाएं दोनों आते हैं।

पुरुष ज्यादातर गंजेपन का इलाज करवाते हैं, जबकि महिलाएं, जो आमतौर पर बुर्का में होती हैं, फेसलिफ्ट और अन्य सर्जरी करवा रही हैं। राजधानी की काबुल में प्रतिबंध के बावजूद, करीब 20 कॉस्मेटिक सर्जरी क्लिनिक चल रहे हैं।

अफगानिस्तान में महिलाओं के बीच बोटोक्स के बढ़ते चलन को लेकर सोशल मीडिया पर 'बोटोक्स अंडर बुर्का' ट्रेंड कर रहा है।

2023 में तालिबान ने ब्यूटी पार्लर पर बैन लगा दिया था

जुलाई 2023 में तालिबान ने पूरे देश में ब्यूटी पार्लर और हेयर सैलून पर प्रतिबंध लगा दिया था। इन सैलूनों को एक महीने के भीतर बंद करने का आदेश दिया गया। उस समय काबुल में करीब 12,000-13,000 ब्यूटी पार्लर थे, जो अफगान महिलाओं के लिए न सिर्फ आय का स्रोत थे, बल्कि सामाजिक मेलजोल का जरिया भी था।

संयुक्त राष्ट्र और अफगान महिला समूहों के अनुसार, ये सैलून महिलाओं के लिए आजादी और आत्मनिर्भरता का प्रतीक थे। लेकिन तालिबान ने इन्हें अनैतिक बताकर बंद कर दिया।

मेडिकल ट्रीटमेंट के तौर पर की जाती सर्जरी

सैलून बंद होने के बावजूद, कॉस्मेटिक सर्जरी क्लिनिक न सिर्फ चल रहे हैं, बल्कि फल-फूल रहे हैं। इसे मेडिकल सर्जरी के तौर पर किया जाता है, इसलिए तालिबान इसमें दखल नहीं दे पा रहा है।

क्लिनिक के कर्मचारियों का कहना है कि सरकार उनके काम में दखल नहीं देती, लेकिन पुलिस यह सुनिश्चित करती है कि पुरुष और महिला मरीजों के लिए अलग-अलग नर्स हों। कुछ लोगों का दावा है कि तालिबान के सदस्य भी इन क्लीनिकों के ग्राहक हैं।

तुर्किए के डॉक्टर काबुल आकर ट्रेनिंग दे रहे

इन क्लीनिकों की सफलता के पीछे विदेशी सहयोग का बड़ा हाथ है। तुर्किए जैसे देशों से डॉक्टर काबुल आकर अफगान डॉक्टरों को ट्रेनिंग दे रहे हैं, जबकि कई अफगान डॉक्टर इस्तांबुल में इंटर्नशिप कर रहे हैं।

क्लीनिकों में इस्तेमाल होने वाले डिवाइस एशिया और यूरोप से आयात किए जाते हैं। नेगिन एशिया क्लिनिक के उप-निदेशक साजिद जादरान ने बताया कि उनके पास एडवांस चीनी उपकरण हैं, जो विदेशों में इस्तेमाल होने वाली तकनीक के बराबर हैं।