दिल्ली में नया साइबर फ्रॉड: अस्पताल का नंबर सर्च करते ही खाते से उड़े ₹53 हजार

दिल्ली में नया साइबर फ्रॉड: अस्पताल का नंबर सर्च करते ही खाते से उड़े ₹53 हजार

नई दिल्ली , 23 मार्च 2026 । दिल्ली में साइबर ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक व्यक्ति ने इंटरनेट पर अस्पताल का नंबर सर्च किया और कुछ ही देर में उसके खाते से 53 हजार रुपये गायब हो गए। इस घटना ने ऑनलाइन सर्च के दौरान बढ़ते साइबर खतरों को उजागर कर दिया है।

 रोहिणी के एक शख्स को एक अस्पताल का नंबर ऑनलाइन सर्च करना महंगा पड़ा। पीड़ित ने एक नामी अस्पताल में एक डॉक्टर से अपॉइंटमेंट लेने के लिए ऑनलाइन उस हॉस्पिटल का नंबर सर्च किया। नंबर के जरिए जिससे संपर्क हुआ, उसने एक लिंक भेजकर पीड़ित को 10 रुपये जमा करने के लिए कहा। बाद में उनके बैंक खाते से हजारों रुपये निकाल लिए। पीड़ित को बाद में ठगी का एहसास हुआ। उन्होंने साइबर क्राइम पोर्टल पर अपनी कंप्लेंट रजिस्टर्ड कराई है।

पीड़ित के मुताबिक, उन्हें अपने एक बीमार रिश्तेदार के लिए दिल्ली में डॉक्टर की तलाश थी। पिछले हफ्ते उन्होंने अपॉइंटमेंट के लिए एक नामी अस्पताल का नंबर ऑनलाइन सर्च किया। सर्च में टॉप पर एक मोबाइल नंबर मिला। इस पर कॉल किया तो बताया गया कि वह वॉट्सऐप पर एक लिंक भेजेगा। उस पर 10 रुपये ट्रांसफर कर देना। इससे आपकी अपॉइंटमेंट कन्फर्म हो जाएगी।

जानकारी के अनुसार, पीड़ित ने गूगल पर एक अस्पताल का संपर्क नंबर खोजा और जो नंबर सामने आया, वह असल में साइबर ठगों द्वारा डाला गया फर्जी नंबर था। कॉल करने पर ठगों ने खुद को अस्पताल स्टाफ बताकर बातचीत की और किसी बहाने से पीड़ित से ओटीपी या अन्य संवेदनशील बैंकिंग जानकारी हासिल कर ली। इसके बाद कुछ ही मिनटों में खाते से बड़ी रकम निकाल ली गई।

साइबर एक्सपर्ट्स के मुताबिक, इस तरह के फ्रॉड में ठग सर्च इंजन पर फर्जी लिस्टिंग या एड डालते हैं, जिससे लोग भ्रमित होकर गलत नंबर पर संपर्क कर लेते हैं। खासकर अस्पताल, बैंक या कस्टमर केयर जैसी जरूरी सेवाओं के नाम पर इस तरह की ठगी तेजी से बढ़ रही है।

पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी नंबर पर कॉल करने से पहले उसकी सत्यता की जांच जरूर करें और कभी भी ओटीपी, बैंक डिटेल्स या पासवर्ड साझा न करें।

इस तरह की घटनाएं यह साफ संकेत देती हैं कि डिजिटल सुविधा के साथ सतर्कता भी उतनी ही जरूरी है। थोड़ी सी लापरवाही भारी आर्थिक नुकसान का कारण बन सकती है।