SIR स्कीम पर नया राजनीतिक मोर्चा—बंगाल कांग्रेस भी सुप्रीम कोर्ट पहुंची, कहा: लोकतंत्र को कमजोर करने की कोशिश

SIR स्कीम पर नया राजनीतिक मोर्चा—बंगाल कांग्रेस भी सुप्रीम कोर्ट पहुंची, कहा: लोकतंत्र को कमजोर करने की कोशिश

पश्चिम बंगाल, 10 नवम्बर 2025 । पश्चिम बंगाल में शिक्षित बेरोजगारों को आर्थिक सहायता देने वाली SIR (Samajik Insaaf Rupee) योजना अब राजनीतिक और कानूनी विवादों के केंद्र में आ गई है। पहले बीजेपी और कई संगठनों ने इस योजना पर सवाल खड़े किए थे, और अब बंगाल कांग्रेस भी सीधे सुप्रीम कोर्ट जा पहुंची है।

कांग्रेस का आरोप है कि SIR स्कीम पारदर्शी नहीं है, डेटा की गोपनीयता खतरे में है और सरकारी तंत्र का दुरुपयोग करते हुए इसे प्रचार और राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। कांग्रेस नेताओं ने याचिका में दावा किया कि करोड़ों फॉर्म बांटे जा रहे हैं, जबकि लाभार्थियों की वास्तविक जांच नहीं हो रही।

बिहार के बाद 12 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में शुरू वोटर लिस्ट का रिवीजन SIR को लेकर पश्चिम बंगाल में सियासत गरमा गई है। अब कांग्रेस की बंगाल यूनिट ने सुप्रीम कोर्ट में SIR के खिलाफ याचिका लगाई है।

जस्टिस सूर्यकांत की बेंच में यह मामला उठाया गया जो बिहार SIR मामले की सुनवाई कर रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट 11 नवंबर को तमिलनाडु सरकार की SIR प्रक्रिया के खिलाफ याचिका पर सुनवाई करेगा।

इधर, सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने दावा किया है कि 27 अक्टूबर को SIR शुरू होने के बाद से अब तक 15 लोगों की मौत हुई है, जिनमें 3 महिलाएं शामिल हैं।

TMC ने कहा कि SIR के डर से कुछ ने आत्महत्या की, तो कुछ की मौत हार्ट अटैक या ब्रेन स्ट्रोक से हुई। हालांकि भाजपा ने इसे ‘राजनीतिक प्रचार’ करार देते हुए आरोपों से इनकार किया है। कहा- TMC जनता को गुमराह कर रही है।

बंगाल SIR के दौरान अबतक सामने आईं अनियमितताएं

  • बालुरघाट विधानसभा सीट के 27 गणना फॉर्म पूर्व बर्धमान जिले के कालना में सड़क किनारे मिले।
  • पश्चिम मेदिनीपुर में एक BLO ने अपने पति से उसकी तरफ से फॉर्म बांटने को कहा। उसने काम के दबाव का हवाला दिया और कहा ऐसा दोबारा नहीं होगा।
  • एक बीएलओ न्यू अलीपुर के साहपुर स्कूल में फॉर्म वितरित करते देखा गया।

राज्य सरकार ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताया और कहा कि यह युवाओं की मदद करने के खिलाफ एक साजिश है। सरकार का कहना है कि लाखों लोग इस योजना से जुड़े हैं और बेरोजगारी कम करने में यह बड़ा कदम है।

इस फैसले से SIR योजना की वैधता, पारदर्शिता और राजनीतिक भविष्य पर बड़ा असर पड़ेगा। सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई अब राजनीतिक तापमान और भी बढ़ा सकती है।