कश्मीर में ईरान के लिए ₹18 करोड़ चंदा जुटाया गया
श्रीनगर , 26 मार्च 2026 । Kashmir में ईरान के समर्थन में ₹18 करोड़ का चंदा जुटाए जाने की खबर सामने आने के बाद सुरक्षा और प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। यह मामला संवेदनशील माना जा रहा है, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय मुद्दों से जुड़े फंड कलेक्शन पर कानून और सुरक्षा एजेंसियां विशेष नजर रखती हैं।
कश्मीर घाटी में ईरान के समर्थन में करोड़ों रुपए का चंदा जुटाया गया है। इससे देश की सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गई हैं। आशंका है कि इन पैसों का इस्तेमाल आतंकी फंडिंग में हो सकता है।
सूत्रों के मुताबिक, अब तक 17.91 करोड़ रुपए चंदा जुटाया गया है। इनमें से 85% राशि शिया समुदाय ने दान की है। कश्मीर का बड़गाम शिया बहुल इलाका है। यहां से करीब 9.5 करोड़ रुपए जुटाए गए हैं।
यह फंडरेजिंग अभियान जकात और सदका के जरिए लिया जा रहा है। इसका उद्देश्य मौजूदा संघर्ष से प्रभावित ईरानी नागरिकों की मदद करना बताया गया है।
सूत्रों के अनुसार, यह चंदा कथित तौर पर विभिन्न समूहों और व्यक्तियों के माध्यम से इकट्ठा किया गया है। हालांकि, इस फंड के उपयोग और इसके वास्तविक उद्देश्य को लेकर स्पष्ट जानकारी अभी सामने नहीं आई है। ऐसे मामलों में आमतौर पर विदेशी फंडिंग, मनी ट्रेल और संबंधित संगठनों की भूमिका की गहन जांच की जाती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि भारत में किसी भी विदेशी उद्देश्य के लिए फंड इकट्ठा करने और उसके उपयोग के लिए सख्त नियम लागू हैं, जिनमें सरकारी अनुमति और पारदर्शिता आवश्यक होती है। ऐसे में इस तरह की गतिविधियां जांच के दायरे में आ सकती हैं, खासकर यदि इसमें नियमों का उल्लंघन पाया जाता है।
प्रशासन की ओर से फिलहाल आधिकारिक पुष्टि और विस्तृत जानकारी का इंतजार किया जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियां पूरे मामले की निगरानी कर रही हैं और आवश्यकता पड़ने पर जांच शुरू की जा सकती है।
यह घटनाक्रम अंतरराष्ट्रीय मुद्दों के घरेलू प्रभाव और उनसे जुड़ी संवेदनशीलता को भी उजागर करता है, जहां किसी भी गतिविधि पर कानून और सुरक्षा के नजरिए से सावधानी बरतना जरूरी होता है।


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