चेक बाउंस मामले में अमीषा पटेल के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी
नई दिल्ली, 17 फ़रवरी 2026 । चेक बाउंस से जुड़े एक मामले में अदालत ने बॉलीवुड अभिनेत्री अमीषा पटेल के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया है। बताया जा रहा है कि यह मामला एक वित्तीय लेन-देन से जुड़ा है, जिसमें कथित रूप से दिया गया चेक निर्धारित समय पर भुनाया नहीं जा सका और बैंक से अस्वीकृत हो गया।
चेक बाउंस मामले में राजपाल यादव के बाद अब एक्ट्रेस अमीषा पटेल की मुश्किलें भी बढ़ती नजर आ रही हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 2017 के एक इवेंट विवाद से जुड़े मामले में मुरादाबाद की अदालत ने उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया है। हालांकि, इन खबरों पर अब एक्ट्रेस ने अपनी प्रतिक्रिया दी है।
इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए अमीषा पटेल ने अपने इंस्टाग्राम पर एक नोट शेयर किया। उन्होंने लिखा, मीडिया में मुरादाबाद में पवन वर्मा द्वारा की गई कुछ कार्यवाही को लेकर खबरें चल रही हैं। मैं सभी को बताना चाहती हूं कि यह बहुत पुराना मामला है, जिसमें पवन वर्मा ने सालों पहले समझौता पत्र पर हस्ताक्षर किए थे और पूरी सहमति राशि प्राप्त कर ली थी।
उन्होंने आगे कहा, इसके बावजूद उन्होंने झूठे आरोप लगाकर फिर से मामला शुरू कर दिया है। मेरे वकील उनके खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज करेंगे ताकि सच्चाई सामने आ सके। मैं इन बातों पर ध्यान देने के बजाय अपने काम पर फोकस करना चाहती हूं और ऐसे लोगों को नजरअंदाज करूंगी जो झूठ बोलकर पब्लिसिटी पाने की कोशिश करते हैं।
क्या है पूरा मामला?
सूत्रों के अनुसार, संबंधित पक्ष ने आरोप लगाया है कि एक प्रोजेक्ट या पेशेवर समझौते के तहत भुगतान के लिए चेक जारी किया गया था। जब चेक बैंक में प्रस्तुत किया गया, तो वह बाउंस हो गया। इसके बाद शिकायतकर्ता ने कानूनी प्रक्रिया के तहत मामला दायर किया।
अदालत में सुनवाई के दौरान उपस्थिति न होने या शर्तों का पालन न करने की स्थिति में न्यायालय ने गैर-जमानती वारंट जारी करने का आदेश दिया। गैर-जमानती वारंट का अर्थ है कि संबंधित व्यक्ति को अदालत के समक्ष पेश किया जाना अनिवार्य है और गिरफ्तारी की स्थिति में तत्काल जमानत स्वतः नहीं मिलती, बल्कि न्यायालय के विवेक पर निर्भर करती है।
कानूनी प्रावधान
भारत में चेक बाउंस से जुड़े मामलों को आमतौर पर परक्राम्य लिखत अधिनियम (Negotiable Instruments Act) की धारा 138 के तहत देखा जाता है। इस धारा के अंतर्गत दोष सिद्ध होने पर जुर्माना या कारावास या दोनों का प्रावधान है।
फिलहाल, अभिनेत्री या उनकी कानूनी टीम की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है। आगे की सुनवाई में यह स्पष्ट होगा कि मामला किस दिशा में बढ़ता है।


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