उत्तर कोरिया में सख्त फैसला—किम जोंग उन ने मंच से ही डिप्टी पीएम को किया बर्खास्त, सत्ता के गलियारों में खलबली
प्योंगयांग , 20 जनवरी 2026 । उत्तर कोरिया में एक बार फिर कड़ा और चौंकाने वाला राजनीतिक कदम देखने को मिला है। देश के सर्वोच्च नेता किम जोंग उन ने एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान मंच से ही डिप्टी प्रधानमंत्री को बर्खास्त करने का ऐलान कर दिया। इस अप्रत्याशित फैसले ने न सिर्फ देश की सत्ता संरचना पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी हलचल पैदा कर दी है।
उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन ने डिप्टी पीएम यांग सुंग-हो को बर्खास्त कर दिया है। कोरियाई न्यूज एजेंसी KCNA के मुताबिक किम जोंग उन र्योंगसोंग मशीन कॉम्प्लेक्स में सोमवार को इंडस्ट्रियल प्रोजेक्ट के पहले चरण के उद्घाटन के लिए पहुंचे थे।
किम ने अपने संबोधन के दौरान यांग सोंग-हो को हटाने का आदेश दिया। किम ने डिप्टी पीएम को फटकार भी लगाई। किम ने मंच से ही डिप्टी पीएम से कहा, “बहुत देर होने से पहले, अपने पैरों पर खुद यहां से चले जाओ।”
किम ने कहा कि यांग बड़ी जिम्मेदारियां संभालने के लायक नहीं हैं। किम ने कहा, “एक बकरी गाड़ी नहीं खींच सकती। यह हमारे कैडर अपॉइंटमेंट सिस्टम में हुई एक गलती थी। आखिरकार, गाड़ी बैल खींचता है, बकरी नहीं।”
इस घटनाक्रम के बाद उत्तर कोरियाई प्रशासन में डर और अनुशासन का माहौल और गहरा हो गया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि किम जोंग उन इस तरह के फैसलों के जरिए यह संदेश देना चाहते हैं कि सरकार की नीतियों और आदेशों में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। खासकर ऐसे समय में, जब देश आर्थिक दबाव और अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों से जूझ रहा है, नेतृत्व की सख्ती और अधिक बढ़ गई है।
इतिहास पर नजर डालें तो यह पहली बार नहीं है जब किम जोंग उन ने सार्वजनिक रूप से किसी वरिष्ठ अधिकारी पर कार्रवाई की हो। इससे पहले भी कई शीर्ष नेताओं को पद से हटाया जा चुका है, जिनमें कुछ मामलों में कठोर दंड की खबरें भी सामने आती रही हैं। ऐसे फैसले सत्ता पर किम की मजबूत पकड़ और केंद्रीकृत शासन प्रणाली को रेखांकित करते हैं।
कुल मिलाकर, मंच से डिप्टी प्रधानमंत्री की बर्खास्तगी उत्तर कोरिया की राजनीति में एक बड़ा संकेत मानी जा रही है। यह न केवल देश के भीतर प्रशासनिक अनुशासन को दर्शाता है, बल्कि बाहरी दुनिया को भी यह संदेश देता है कि किम जोंग उन अपने शासन में किसी भी तरह की असफलता को स्वीकार करने के मूड में नहीं हैं।


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