ओवैसी का बयान: “भारत में हिजाब पहनने वाली बेटी भी प्रधानमंत्री बनेगी”, समावेशी लोकतंत्र पर जोर

ओवैसी का बयान: “भारत में हिजाब पहनने वाली बेटी भी प्रधानमंत्री बनेगी”, समावेशी लोकतंत्र पर जोर

नई दिल्ली, 10 जनवरी 2026 । AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने एक सार्वजनिक कार्यक्रम में बड़ा और प्रतीकात्मक बयान देते हुए कहा कि भारत में वह दिन भी आएगा जब हिजाब पहनने वाली बेटी प्रधानमंत्री बनेगी। उनके इस बयान को लोकतंत्र, समान अधिकार और धार्मिक स्वतंत्रता से जोड़कर देखा जा रहा है। ओवैसी ने कहा कि भारत का संविधान हर नागरिक को बराबरी का हक देता है और किसी की पहचान, पहनावा या आस्था उसके सपनों की राह में बाधा नहीं बन सकती।

AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने कहा है कि एक दिन हिजाब पहनने वाली बेटी भारत की प्रधानमंत्री बनेगी। जो पार्टियां आज देश में मुसलमानों के खिलाफ नफरत फैलाने का काम कर रही हैं, उनकी दुकान अब ज्यादा दिन नहीं चलने वाली।

ओवैसी ने अपने संबोधन में जोर देकर कहा कि देश की ताकत उसकी विविधता में है। उन्होंने कहा कि भारत में हर समुदाय की बेटियों को आगे बढ़ने का पूरा हक है और लोकतंत्र की असली परीक्षा यही है कि कमजोर और अल्पसंख्यक वर्गों को भी समान अवसर मिलें। उनका कहना था कि शिक्षा, आत्मविश्वास और संवैधानिक अधिकारों के बल पर कोई भी बेटी देश के सर्वोच्च पद तक पहुंच सकती है।

इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। समर्थकों ने इसे प्रेरणादायक और समावेशी सोच करार दिया, जबकि विरोधियों ने इसे राजनीतिक बयानबाजी बताया। हालांकि ओवैसी ने साफ किया कि उनका मकसद किसी विवाद को जन्म देना नहीं, बल्कि यह संदेश देना है कि भारत का लोकतंत्र किसी एक पहचान तक सीमित नहीं है।

विश्लेषकों के अनुसार, ओवैसी का यह बयान मौजूदा सामाजिक और राजनीतिक बहसों के बीच आया है, जहां पहनावे, पहचान और अधिकारों को लेकर चर्चा तेज है। ऐसे में उनका यह दावा एक विचारधारात्मक संदेश भी देता है कि भारतीय लोकतंत्र में हर नागरिक के लिए आगे बढ़ने की संभावना मौजूद है, बशर्ते संवैधानिक मूल्यों को मजबूती से लागू किया जाए।