PM गुजरात के साणंद में सेमीकंडक्टर प्लांट का करेंगे उद्घाटन
गुजरात, 28 फ़रवरी 2026 । Narendra Modi गुजरात के साणंद में बनने वाले अत्याधुनिक सेमीकंडक्टर प्लांट का उद्घाटन करने जा रहे हैं। यह परियोजना भारत को वैश्विक चिप निर्माण हब बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
गुजरात के औद्योगिक शहर साणंद में स्थापित यह प्लांट देश की इलेक्ट्रॉनिक्स और टेक्नोलॉजी सेक्टर को नई मजबूती देगा। सरकार की ‘मेक इन इंडिया’ और सेमीकंडक्टर मिशन के तहत यह निवेश रणनीतिक रूप से बेहद अहम माना जा रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को गुजरात दौरे पर रहेंगे। वे दोपहर 3.45 बजे अहमदाबाद के पास साणंद में माइक्रोन टेक्नोलॉजी (Micron Technology) की सेमीकंडक्टर असेंबली, टेस्टिंग, मार्किंग और पैकेजिंग (ATMP) फैसिलिटी का उद्घाटन करेंगे।
इस प्लांट में पहली बार मेड इन इंडिया सेमीकंडक्टर मेमोरी मॉड्यूल्स का कमर्शियल प्रोडक्शन और शिपमेंट शुरू होगा।
यह केंद्र सरकार के मेक इन इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन का पहला प्रोजेक्ट है। यह प्लांट 22,516 करोड़ रुपए की लागत से तैयार हुआ है। उद्घाटन के बाद प्रधानमंत्री यहां मौजूद लोगों को संबोधित भी करेंगे।
एटीएमपी टेक्नोलॉजी पर आधारित है प्लांट यह प्लांट एटीएमपी (असेंबली, टेस्टिंग, मार्किंग और पैकेजिंग) टेक्नोलॉजी पर आधारित है। प्लांट में सेमीकंडक्टर चिप्स को जोड़ा जाएगा, उनकी जांच की जाएगी, उन पर जरूरी मार्किंग और फिर पैकेजिंग की जाएगी। इससे देश में सेमीकंडक्टर निर्माण को मजबूती मिलेगी और देश टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ेगा।
अब तक भारत माइक्रो चिप्स के मामले में आयात पर निर्भर रहा है। ऐसे में यह प्लांट देश में तकनीकी विकास, निवेश और रोजगार के नए रास्ते खोलेगा। साथ ही, यह ‘मेक इन इंडिया’ और डिजिटल भारत जैसे अभियानों को भी गति देगा।
इस परियोजना से हजारों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है। साथ ही, राज्य में सहायक उद्योगों और सप्लाई चेन का विकास भी तेज होगा। इससे गुजरात को सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग के बड़े केंद्र के रूप में पहचान मिलने की संभावना है।
रणनीतिक और आर्थिक महत्व
सेमीकंडक्टर निर्माण केवल आर्थिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा और तकनीकी आत्मनिर्भरता के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है। भारत वैश्विक कंपनियों को आकर्षित करने के लिए प्रोत्साहन योजनाएं चला रहा है, जिससे देश में हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम विकसित हो सके।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह उद्घाटन भारत के सेमीकंडक्टर मिशन के लिए मील का पत्थर साबित हो सकता है। यदि उत्पादन और तकनीकी सहयोग योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ते हैं, तो आने वाले वर्षों में भारत वैश्विक चिप सप्लाई चेन में मजबूत स्थान बना सकता है।


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