पाकिस्तानी रक्षा मंत्री का बयान: “अमेरिका ने हमारा इस्तेमाल किया”
इस्लामाबाद, 12 फ़रवरी 2026 । पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ने एक बयान में कहा है कि अतीत में अमेरिका ने क्षेत्रीय रणनीतियों के तहत पाकिस्तान का “इस्तेमाल” किया। उनका इशारा खासतौर पर आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक युद्ध (War on Terror) और अफगानिस्तान से जुड़े अभियानों की ओर माना जा रहा है, जिनमें 2001 के बाद पाकिस्तान की भूमिका अहम रही थी।
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने बुधवार को संसद में कहा कि अमेरिका ने अपने फायदे के लिए पाकिस्तान का इस्तेमाल किया और काम निकलने के बाद उसे टॉयलेट पेपर की तरह फेंक दिया।
उन्होंने 1979 में सोवियत संघ के हस्तक्षेप का जिक्र करते हुए कहा कि यह कदम अफगान सरकार के न्योते पर उठाया गया था, लेकिन अमेरिका ने इसे सीधा हमला बताकर अपनी तरह से नरेटिव तैयार किया।
आसिफ ने पाकिस्तान की अमेरिका के साथ 1999 के बाद हुई नई रणनीतिक साझेदारी पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि 11 सितंबर 2001 के हमलों के बाद अमेरिका के साथ खड़े होने की कीमत पाकिस्तान आज भी चुका रहा है।
रक्षा मंत्री के अनुसार, उस दौर में पाकिस्तान ने लॉजिस्टिक सपोर्ट, खुफिया सहयोग और सैन्य समन्वय उपलब्ध कराया, लेकिन इसके दीर्घकालिक राजनीतिक और सुरक्षा परिणाम देश को झेलने पड़े। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि विदेशी नीतियों में आत्मनिर्भरता और संतुलित कूटनीति की जरूरत है।
विश्लेषकों का कहना है कि 2001–2021 के बीच अमेरिका-पाकिस्तान संबंधों में कई उतार-चढ़ाव आए। एक ओर पाकिस्तान को बड़े पैमाने पर आर्थिक और सैन्य सहायता मिली, तो दूसरी ओर ड्रोन हमलों, सीमा-पार तनाव और अविश्वास ने रिश्तों को जटिल बनाया। 2018 के बाद अमेरिकी सहायता में कटौती और 2021 में अफगानिस्तान से अमेरिकी वापसी ने समीकरण और बदल दिए।
अमेरिका की ओर से इस ताजा बयान पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि दोनों देशों के बीच रक्षा और सुरक्षा संवाद समय-समय पर जारी रहा है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब क्षेत्रीय भू-राजनीति—अफगानिस्तान, चीन-अमेरिका प्रतिस्पर्धा और दक्षिण एशिया की सुरक्षा—फिर से चर्चा में है।


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