दिल्ली एयरपोर्ट पर यात्री से मारपीट का मामला, जांच के बाद पायलट सस्पेंड
नई दिल्ली, 20 दिसंबर 2025 । दिल्ली एयरपोर्ट के टर्मिनल-1 पर शुक्रवार को ऑफ-ड्यूटी पायलट ने एक यात्री से मारपीट की। इस घटना के बाद यात्री ने सोशल मीडिया पर अपने साथ हुए हादसे की जानकारी शेयर की। साथ ही पायलट के कपड़ों और अपने चोटिल चेहरे की तस्वीर भी पोस्ट की।
घटना के सामने आते ही सिविल एविएशन मिनिस्ट्री ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं। एअर इंडिया एक्सप्रेस ने भी पायलट कैप्टन वीरेंद्र सेजवाल को सस्पेंड कर दिया है।
एयरलाइन ने एक बयान में कहा है कि पायलट ड्यूटी पर नहीं था। वह दूसरी फ्लाइट का पैसेंजर था। हमने उसे हटा दिया है, जांच पूरी होने पर कार्रवाई होगी।
घटना के बाद यात्री अंकित दीवान ने एक पोस्ट लिखा। इसमें कहा कि मुझ पर मामला खत्म करने का दबाव बनाया गया। जबरदस्ती लेटर लिखवाया। अगर मैं ऐसा नहीं करता तो मुझे फ्लाइट छोड़नी पड़ती।
अंकित ने ये भी बताया कि मेरी 7 साल की बेटी ने अपने पिता को पिटते और मेरे खून से सने चेहरे काे देखा। इसके बाद से वह सदमे में है।
पैसेंजर ने शनिवार को एक और पोस्ट में पायलट का वीडियो शेयर किया है। उन्होंने लिखा है कि मुझे उम्मीद है कि एयरलाइन आगे की कार्रवाई करेगी।
पैंसेजर ने पोस्ट में गिनाईं समस्याएं
- उसकी छुट्टियां खराब हो गईं, और घटना के बाद उसे डॉक्टर के पास जाना पड़ा।
- बेटी सदमे में है। एक वीडियो भी शेयर किया जिसमें बेटी के रोने की आवाज है।
- क्या एयरलाइन को ऐसे पायलटों को फ्लाइट उड़ाने की इजाजत देनी चाहिए।
- दिल्ली एयरपोर्ट पर स्टाफ एंट्री को बच्चों वाले यात्रियों के साथ मिला देना सुरक्षा से भी समझौता है।
- लेटर लिखने मजबूर किया गया, जिसमें लिखा था कि वह इस मामले को आगे नहीं बढ़ाएंगे।
- पत्नी फर्स्ट एड के लिए रिक्वेस्ट करती रही। प्रॉपर फर्स्ट एड 45 मिनट बाद मिल सका।
- दिल्ली पुलिस ने भी शिकायत दर्ज नहीं की, वापस आने पर करेगी, इसकी गारंटी नहीं।
प्राथमिक जानकारी के अनुसार, फ्लाइट में देरी या बोर्डिंग से जुड़ी किसी समस्या को लेकर यात्री और एयरलाइन स्टाफ के बीच बहस शुरू हुई थी। देखते ही देखते यह बहस बढ़ गई और पायलट ने कथित तौर पर यात्री के साथ मारपीट की। एयरपोर्ट पर मौजूद अन्य यात्रियों और सुरक्षाकर्मियों ने बीच-बचाव कर स्थिति को काबू में किया। घटना के बाद यात्री ने शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर जांच शुरू की गई।
एयरलाइन की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि यात्रियों की सुरक्षा और सम्मान उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रारंभिक जांच में पायलट की भूमिका संदिग्ध पाए जाने पर उसे तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है। साथ ही, मामले की विस्तृत जांच की जा रही है और जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय की ओर से भी इस घटना पर नजर रखी जा रही है।
इस घटना ने एयरपोर्ट पर यात्रियों की सुरक्षा और कर्मचारियों के व्यवहार को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि विमानन क्षेत्र में पेशेवर आचरण बेहद जरूरी है, क्योंकि यात्रियों का भरोसा ही किसी एयरलाइन की सबसे बड़ी पूंजी होता है। इस मामले का निष्कर्ष आने वाले दिनों में तय करेगा कि दोषी के खिलाफ कितनी कड़ी कार्रवाई की जाती है।


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