फ्लिपकार्ट–मिंत्रा और जोमेटो–स्विगी जैसे प्लेटफॉर्म अब नहीं वसूलेंगे एक्सट्रा चार्जेज: उपभोक्ताओं को बड़ी राहत

फ्लिपकार्ट–मिंत्रा और जोमेटो–स्विगी जैसे प्लेटफॉर्म अब नहीं वसूलेंगे एक्सट्रा चार्जेज: उपभोक्ताओं को बड़ी राहत

नई दिल्ली, 21 नवम्बर 2025 । ऑनलाइन शॉपिंग और फूड डिलीवरी करने वाले करोड़ों उपभोक्ताओं के लिए यह बड़ी राहत की खबर है। फ्लिपकार्ट, मिंत्रा, जोमेटो और स्विगी जैसे ई-कॉमर्स और फूड-डिलीवरी प्लेटफॉर्म अब अतिरिक्त शुल्क (Extra Charges) वसूलने की नीति में बदलाव करने जा रहे हैं।
लंबे समय से प्लेटफॉर्म फीस, हैंडलिंग चार्ज, छोटे ऑर्डर की पेनल्टी, सर्ज फीस और अन्य छिपे हुए शुल्क उपभोक्ताओं की जेब पर बढ़ता बोझ बन गए थे। उपभोक्ता संगठनों और रेगुलेटरी संस्थाओं की आपत्तियों के बाद इन कंपनियों को अपनी नीति पर पुनर्विचार करना पड़ा।

सूत्रों के अनुसार, जिन अतिरिक्त फीसों पर रोका या कटौती की जा रही है, उनमें शामिल हैं:

  • प्लेटफॉर्म फीस

  • पैकिंग या हैंडलिंग फीस

  • छोटे ऑर्डर पर लगाए जाने वाले अतिरिक्त शुल्क

  • कुछ श्रेणियों की सर्ज-फीस

  • ऐप पर छिपी हुई सर्विस चार्जिंग

क्यों लिया गया यह निर्णय?
पिछले महीनों में उपभोक्ता शिकायतों में तेज़ बढ़ोतरी दर्ज की गई थी। कई उपभोक्ताओं का कहना था कि उत्पाद या भोजन की मूल कीमत से ज्यादा अतिरिक्त चार्जेज देने पड़ते हैं। कुछ मामलों में यह अतिरिक्त शुल्क 15–25% तक पहुंच जाता था।
रेगुलेटरी अधिकारियों ने इस पर सवाल उठाए कि उपभोक्ताओं के साथ “पारदर्शिता” नहीं रखी जा रही थी। इस दबाव के बाद बड़े प्लेटफॉर्म ने अपनी शुल्क संरचना में बदलाव का आश्वासन दिया।

कंपनियों को इससे क्या लाभ?
हालांकि शुल्क हटाने से प्लेटफॉर्म की कमाई में अस्थायी कमी आ सकती है, लेकिन दीर्घकाल में यह कदम ग्राहकों का भरोसा बढ़ाएगा। उपभोक्ता संतुष्टि बढ़ने से ऐप की लोकप्रियता और सक्रिय उपयोगकर्ता संख्या में भी इजाफा होने की उम्मीद है।

उपभोक्ताओं के लिए क्या बदलेगा?

  • हर ऑर्डर पर स्पष्ट, पारदर्शी बिलिंग

  • छिपे हुए शुल्क खत्म होने से ऑर्डर की कुल कीमत कम

  • प्रीमियम सब्सक्रिप्शन वाले ग्राहकों को अतिरिक्त राहत

  • फूड डिलीवरी और ई-कॉमर्स खरीदारी दोनों में कम खर्च

कंपनियों की ओर से यह भी कहा जा रहा है कि वे “यूज़र-फर्स्ट पॉलिसी” पर काम कर रही हैं, जिससे आने वाले महीनों में और भी सुधार देखने को मिल सकते हैं।

ऑनलाइन प्लेटफार्मों द्वारा लिया गया यह निर्णय डिजिटल मार्केट में उपभोक्ताओं के अधिकारों की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।