मिट्टी के बर्तन बनाने वाले युवक को 1.25 करोड़ का GST नोटिस: छोटे कारीगरों पर टैक्स सिस्टम का बोझ?
रायबरेली , 20 फ़रवरी 2026 । उत्तर प्रदेश के रायबरेली से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है. एक साधारण कुम्हार परिवार से जुड़े युवक को ₹1.25 करोड़ का जीएसटी नोटिस मिलने के बाद हड़कंप मच गया। मिट्टी के बर्तन बनाकर गुजर-बसर करने वाले इस युवक के पास इतना बड़ा कारोबार नहीं है कि वह करोड़ों का टैक्स दे सके। नोटिस मिलने के बाद परिवार और स्थानीय लोगों के होश उड़ गए।
यहां मिट्टी के बर्तन बनाने वाले एक शख्स को जीएसटी विभाग की तरफ से एक करोड़ से अधिक का नोटिस मिला है. नोटिस मिलने के बाद शख्स के परिवार के लोग हैरान हैं. शख्स ने बताया कि उसे साजिश के तौर फंसाया गया है, उसकी कोई फर्म नहीं है. वो सिर्फ मिट्टी के बर्तन बनाने का काम करता है, जो की उसका पुस्तैनी काम है. इसी काम से वो अपने परिवार का पेट भरता है.
जानकारी के मुताबिक, रायबरेली जिले के रघुवीरगंज बाजार निवासी मुस्लिम कुम्हार मो. शहीद पुत्र स्व. मदार बक्श मिट्टी के बर्तन बनाकर परिवार का जीविकोपार्जन करते हैं और वो पढ़े लिखे भी नहीं है. जीएसटी विभाग से 1 करोड़ 25 हजार 297 रुपए का नोटिस मिलने के बाद से परेशान हैं. वहीं नोटिस मिलने के बाद अब परिवार में हड़कंप मचा है.
क्या है मामला?
बताया जा रहा है कि युवक का छोटा सा कुटीर उद्योग है, जहां पारंपरिक तरीके से घड़े, दीये और अन्य मिट्टी के बर्तन बनाए जाते हैं। आरोप है कि जीएसटी विभाग की ओर से कारोबारी लेनदेन में कथित गड़बड़ी या फर्जी बिलिंग के आधार पर भारी टैक्स और पेनल्टी का नोटिस जारी किया गया।
हालांकि युवक और उसके परिजनों का कहना है कि उनका सालाना कारोबार इतना बड़ा नहीं है कि उन पर करोड़ों रुपये का कर बकाया बनता हो।
मिट्टी के बर्तन बनाने वाले युवक को ₹1.25 करोड़ का GST नोटिस केवल एक व्यक्तिगत मामला नहीं, बल्कि छोटे व्यापारियों के सामने खड़ी प्रशासनिक और तकनीकी चुनौतियों को भी उजागर करता है। जरूरत है कि जांच निष्पक्ष हो और वास्तविकता के आधार पर फैसला लिया जाए, ताकि किसी निर्दोष कारीगर पर अनावश्यक बोझ न पड़े।


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