“प्रियंक खड़गे बोले—‘कांग्रेस केंद्र में आई तो RSS को कानूनन बैन करेंगे’”
नई दिल्ली । 2 जुलाई 25 । कांग्रेस नेता प्रियांक खड़गे ने सोमवार को मीडिया से बातचीत में कहा कि अगर केंद्र में कांग्रेस की सरकार बनती है, तो RSS पर बैन लगाया जाएगा। प्रियांक ने RSS पर धर्मनिरपेक्षता और समाजवाद के खिलाफ काम करने का आरोप भी लगाया।
उन्होंने कहा, 'कांग्रेस ने पहले भी दो बार RSS पर बैन लगाया था और अब उन्हें उसे हटाने का अफसोस है। उनके मुताबिक, संघ हमेशा समानता और आर्थिक न्याय के विरोध में रहा है।'
प्रियांक खड़गे कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बेटे हैं और अभी कर्नाटक सरकार में मंत्री हैं। पहले भी RSS को बैन करने की बात कर चुके हैं। 2 साल उन्होंने कर्नाटक में RSS को बैन करने की बात कही थी।
प्रियांक के बयान की 2 बड़ी बातें...
- प्रियांक खड़गे ने RSS भाजपा से देश को लेकर कोई सवाल नहीं पूछती। प्रियांक ने कहा कि RSS अपनी राजनीतिक पार्टी भाजपा से ये सवाल क्यों नहीं पूछती कि देश में बेरोजगारी क्यों बढ़ रही है और पहलगाम में आतंकी हमला कैसे हुआ, ये किसकी चूक थी। यह प्रश्न न पूछकर संघ के लोग समाज में नफरत फैलाने का काम कर रहे हैं।
- प्रियांक ने कहा कि सरकार आज ED, IT समेत सभी जांच एजेंसियों को कंट्रोल कर रही है और विपक्ष के नेताओं पर छापा पड़वाती है। लेकिन ये क्या सिर्फ विपक्ष के लिए हैं, सरकार RSS की जांच क्यों नहीं करती, आखिर उनके पास पैसा कहां से आ रहा हैं।
भाजपा बोली- कांग्रेस अपनी जमीन की चिंता करें
कर्नाटक बीजेपी अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र ने प्रियांक खड़गे पर पलटवार करते हुए कहा कि RSS एक देशभक्त संगठन है, जिसकी जड़ें इतनी मजबूत हैं कि दशकों से उसे उखाड़ने की कोशिशें नाकाम रही हैं।
विजयेंद्र ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें RSS को बैन करने की बात करने से पहले अपनी राजनीतिक जमीन बचाने की चिंता करनी चाहिए।
प्रियांक बोले- कांग्रेस में वन मेन शो नहीं
प्रियांक ने सोमवार को भाजपा नेता तेजस्वी सूर्या के कांग्रेस के हाईकमान को भूत कहने पर पलटवार किया। उन्होंने X पर तेजस्वी को जवाब देते हुए लिखा कि कांग्रेस में हाईकमान कोई "वन मेन शो" नहीं है, बल्कि लोकतंत्र है और उसकी पर संगठन काम करता है।
खड़गे ने पूछा कि बीजेपी का हाईकमान कौन है? आपके ज्यादातर कार्यकर्ता तो राष्ट्रीय अध्यक्ष का नाम भी नहीं जानते। उनके लिए मोदी ही राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और शायद पंचायत सचिव तक हैं।


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