महिलाओं को ₹2500 का वादा, प्रदूषण और बेरोजगारी पर सवाल: AAP का 15 प्रश्नों के साथ सरकार पर हमला
नई दिल्ली, 20 फ़रवरी 2026 । राजनीतिक माहौल के बीच आम आदमी पार्टी (AAP) ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए 15 सवालों की सूची जारी की है। पार्टी का आरोप है कि महिलाओं को हर महीने ₹2500 देने का वादा, प्रदूषण नियंत्रण और गरीब युवाओं को रोजगार देने जैसे मुद्दों पर जनता को “धोखा” दिया गया है।
आम आदमी पार्टी ने दिल्ली की भाजपा सरकार के एक साल के कार्यकाल का रिपोर्ट कार्ड पेश कर उसे हर क्षेत्र में फेल बताया. पंजाब प्रभारी व दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि भाजपा सरकार का एक साल दिल्लीवालों के साथ फर्जीवाड़े का रहा. रेखा गुप्ता सरकार ने पूरे साल दिल्ली की महिलाओं, प्रदूषण कंट्रोल, मिडिल क्लास, युवाओं, गरीबों समेत पूरी दिल्ली के साथ सिर्फ धोखा किया. महिलाओं को 2500 रुपए देने का वादा पूरा नहीं किया, सबसे प्रदूषित दिल्ली का रिकॉर्ड बनाया, नकली यमुना बनाई और गरीबों की झुग्गियां तोड़ दी.
मनीष सिसोदिया ने कहा कि प्रधानमंत्री ने कहा था कि बहनों यकीन रखना, यह मोदी की गारंटी है. 8 मार्च को 9 मार्च नहीं होने दूंगा, लेकिन 8 मार्च और 9 मार्च तो छोड़िए, पूरा 2025 चला गया और रेखा गुप्ता की सरकार को एक साल भी पूरे हो गए, लेकिन मोदी जी की गारंटी पूरी करने के नाम पर उनके मुंह से एक शब्द नहीं निकल रहा है. सीएम रेखा गुप्ता ने दिल्ली की जनता के साथ फर्जीवाड़ा किया है या मोदी जी की गारंटी को बदनाम कर रही हैं, यह वही जानें, लेकिन दिल्ली की महिलाओं के साथ तो धोखा हो गया है.
महिलाओं को ₹2500 देने का वादा
AAP का कहना है कि चुनाव के दौरान महिलाओं को आर्थिक सहायता देने का वादा किया गया था, लेकिन अब तक इसे लागू नहीं किया गया। पार्टी ने पूछा कि:
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योजना कब से लागू होगी?
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बजट में इसके लिए कितना प्रावधान किया गया?
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पात्रता मानदंड क्या होंगे?
AAP ने आरोप लगाया कि यह वादा केवल चुनावी रणनीति का हिस्सा था।
प्रदूषण पर सवाल
राजधानी और आसपास के क्षेत्रों में बढ़ते वायु प्रदूषण को लेकर भी AAP ने सरकार को घेरा। पार्टी का कहना है कि:
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प्रदूषण कम करने के लिए ठोस दीर्घकालिक योजना क्यों नहीं?
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पराली, निर्माण कार्य और औद्योगिक उत्सर्जन पर नियंत्रण के क्या कदम उठाए गए?
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सार्वजनिक परिवहन और इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने की प्रगति क्या है?
AAP ने दावा किया कि प्रदूषण से आम लोगों की सेहत पर गंभीर असर पड़ रहा है, लेकिन सरकार केवल घोषणाएं कर रही है।
गरीब युवाओं और बेरोजगारी का मुद्दा
युवाओं में बढ़ती बेरोजगारी को लेकर भी पार्टी ने सवाल उठाए।
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कितनी सरकारी नौकरियां भरी गईं?
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भर्ती परीक्षाओं में देरी और पेपर लीक पर क्या कार्रवाई हुई?
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स्किल डेवलपमेंट योजनाओं का वास्तविक लाभ कितने युवाओं को मिला?
AAP का कहना है कि गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के युवा सबसे ज्यादा प्रभावित हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, 15 सवालों की सूची जारी करना विपक्ष की एक रणनीति है, जिससे जनता के मुद्दों को केंद्र में लाया जा सके। इससे चुनावी माहौल में सरकार पर जवाब देने का दबाव बढ़ता है।
सरकार की ओर से कहा गया है कि कई योजनाएं प्रक्रिया में हैं और चरणबद्ध तरीके से लागू की जा रही हैं। साथ ही, विकास और कल्याणकारी कार्यक्रमों का हवाला देते हुए विपक्ष के आरोपों को राजनीतिक बताया गया।
महिलाओं को आर्थिक सहायता, प्रदूषण नियंत्रण और युवाओं के रोजगार जैसे मुद्दे सीधे जनता से जुड़े हैं। AAP के 15 सवालों ने इन विषयों को फिर से राजनीतिक बहस के केंद्र में ला दिया है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि सरकार इन सवालों का क्या जवाब देती है और जमीनी स्तर पर क्या कदम उठाए जाते हैं।


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