RCB बिकने की तैयारी में – बड़ा कारोबारी फेरबदल, क्रिकेट जगत में हलचल तेज

RCB बिकने की तैयारी में – बड़ा कारोबारी फेरबदल, क्रिकेट जगत में हलचल तेज

नई दिल्ली,  रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (RCB) को लेकर बड़ा अपडेट सामने आ रहा है। इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) की सबसे चर्चित और लोकप्रिय टीमों में से एक RCB अब बिक्री की प्रक्रिया से गुजर सकती है। लंबे समय से टीम से जुड़े मालिकाना ढांचे और वित्तीय समीकरणों में बदलाव की चर्चा चल रही थी, और अब संकेत मिल रहे हैं कि आने वाले महीनों में बड़ा निवेशक या नया मालिक सामने आ सकता है।

रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) फ्रेंचाइजी 2026 इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) सीजन से पहले बिक सकती है। डियाजियो पीएलसी की भारतीय इकाई यूनाइटेड स्पिरिट्स लिमिटेड (USL) ने बुधवार को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) को एक लेटर लिखा।

कंपनी ने लेटर में बताया कि वे अपनी सहायक कंपनी रॉयल चैलेंजर्स स्पोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड (RCSPL) में किए गए निवेश की समीक्षा शुरू कर रही है। यह प्रक्रिया RCB की पुरुष और महिला दोनों टीमों के लिए होगी और कंपनी को उम्मीद है कि समीक्षा 31 मार्च 2026 तक पूरी हो जाएगी।

एक महीने पहले चर्चा थी कि वैक्सीन मैन्युफैक्चरर कंपनी सीरम इंस्टीट्यूट RCB को करीब 17 हजार करोड़ रुपए खरीद सकती है। तब अदार पूनावाला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा था, ‘सही वैल्यूएशन पर RCB एक बेहतरीन टीम है’।

ब्रिटिश कंपनी ने विजय माल्या से खरीदी थी RCB पहले RCB के मालिक शराब कारोबारी विजय माल्या थे, लेकिन 2016 में जब माल्या मुश्किल में फंसे, तो डियाजियो ने उनकी शराब कंपनी के साथ-साथ RCB को भी खरीद लिया।

RCB को 2008 में विजय माल्या ने 111.6 मिलियन डॉलर में खरीदा था। उस समय के हिसाब से रुपए में ये रकम करीब 476 करोड़ रुपए थी। ये उस समय दूसरी सबसे महंगी IPL टीम थी। माल्या की कंपनी USL के पास RCB का मालिकाना हक था।

RCB के समर्थकों के लिए यह भावनात्मक क्षण भी हो सकता है, क्योंकि यह टीम सिर्फ एक फ्रेंचाइज़ी नहीं बल्कि एक भावनात्मक ब्रांड है, खासकर “Ee Sala Cup Namde” की भावना से जुड़ा हर फैन इससे गहराई से जुड़ा है।

अगर सौदा पूरा होता है, तो IPL इतिहास में यह सबसे बड़े टीम-टेकओवर में से एक माना जाएगा। अब नजरें इस बात पर हैं कि नया मालिक कौन होगा और क्या यह बदलाव टीम की किस्मत बदल पाएगा।