बंगाल नतीजों पर राहुल गांधी नाराज़: “TMC की हार पर खुश न हों कांग्रेसी, छोटी राजनीति से ऊपर उठें”
नई दिल्ली, 05 मई 2026 । पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस (TMC) की करारी शिकस्त के बाद, राहुल गांधी ने पश्चिम बंगाल के चुनावी नतीजों के बाद अपनी ही पार्टी नेताओं पर नाराज़गी जताई है। उन्होंने साफ कहा कि तृणमूल कांग्रेस की हार पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं को जश्न नहीं मनाना चाहिए और छोटी राजनीति से ऊपर उठकर व्यापक सोच अपनानी चाहिए।
छोटी राजनीति से ऊपर उठें
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं और अन्य विपक्षी दलों को चेतावनी देते हुए कहा कि टीएमसी की हार पर "बगलें बजाने" (खुश होने) की जरूरत नहीं है। उन्होंने लिखा "कांग्रेस में कुछ लोग और अन्य दल टीएमसी की हार पर जश्न मना रहे हैं। उन्हें यह साफ समझने की जरूरत है - असम और बंगाल के जनादेश की चोरी भारतीय लोकतंत्र को नष्ट करने के भाजपा के मिशन में एक बड़ा कदम है।" राहुल गांधी ने आगे अपील करते हुए कहा कि यह समय छोटी राजनीति करने का नहीं है, बल्कि देश और लोकतंत्र को बचाने के लिए एकजुट होने का है।
राहुल गांधी का यह बयान ऐसे समय में आया है जब कुछ जगहों पर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के कार्यकर्ता TMC की हार को लेकर जश्न मनाते दिखे। इस पर उन्होंने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि विपक्षी दलों के बीच आपसी टकराव से लोकतांत्रिक ताकतें कमजोर होती हैं।
उन्होंने जोर देकर कहा कि देश की राजनीति में वैचारिक लड़ाई बड़ी होती है, न कि आपसी प्रतिस्पर्धा। ऐसे में सभी विपक्षी दलों को एकजुट होकर बड़ी चुनौतियों का सामना करना चाहिए। राहुल गांधी ने कार्यकर्ताओं को संदेश दिया कि वे सकारात्मक राजनीति करें और जनता के मुद्दों पर ध्यान केंद्रित रखें।
इससे पहले ममता बनर्जी ने चुनाव परिणामों को 'अनैतिक' और 'अवैध' करार दिया था। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि "बीजेपी ने 100 से ज्यादा सीटें लूटी हैं। चुनाव आयोग अब 'बीजेपी का आयोग' बन गया है। हमने शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। यह कोई नैतिक जीत नहीं है। पीएम, गृह मंत्री और केंद्रीय बलों ने मिलकर जो किया, वह पूरी तरह अवैध है। हम फिर वापसी करेंगे।"
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बयान विपक्षी एकता को मजबूत करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है, खासकर उन राज्यों में जहां क्षेत्रीय दलों की भूमिका अहम है।


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