रिकॉर्ड तोड़ रफ्तार: चांदी ₹1,609 की छलांग के साथ ₹2.01 लाख प्रति किलो के ऑलटाइम हाई पर
नई दिल्ली, 18 दिसंबर 2025 । कीमती धातुओं के बाजार में चांदी ने नया इतिहास रच दिया है। मजबूत वैश्विक संकेतों और घरेलू मांग में तेजी के बीच चांदी की कीमत में ₹1,609 प्रति किलो की जोरदार बढ़ोतरी दर्ज की गई, जिससे इसका भाव ₹2.01 लाख प्रति किलो के ऑलटाइम हाई स्तर पर पहुंच गया। यह अब तक का सबसे ऊंचा स्तर माना जा रहा है।
चांदी आज यानी 18 दिसंबर को लगातार दूसरे दिन ऑल टाइम हाई पर पहुंच गई है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार 1 किलो चांदी 1,609 रुपए बढ़कर 2,01,250 रुपए किलो पर पहुंच गई है। इससे पहले 17 दिसंबर को ये 1,99,641 रुपए पर बंद हुई थी।
वहीं कल चांदी पहली बार 2 लाख रुपए किलो के ऊपर निकली थी। कल ये सुबह 2,00,750 रुपए पर ओपन हुई थी। इस साल अब तक चांदी की कीमत 1,15,233 रुपए बढ़ चुकी है।
चांदी में तेजी के 4 प्रमुख कारण
- इंडस्ट्रियल डिमांड – सोलर, इलेक्ट्रॉनिक्स और EV में भारी इस्तेमाल, चांदी अब सिर्फ ज्वेलरी नहीं, जरूरी कच्चा माल बन गई है।
- ट्रंप का टैरिफ डर – अमेरिकी कंपनियां चांदी का भारी स्टॉक जमा कर रही हैं, ग्लोबल सप्लाई में कमी से कीमतें ऊपर चढ़ीं।
- मैन्युफैक्चरर होड़ में – प्रोडक्शन रुकने के डर से सभी पहले से खरीद रहे हैं, इसी वजह से आने वाले महीनों में भी तेजी बनी रहेगी।
- चांदी में निवेश बढ़ रहा: निवेशक सिल्वर ETF के जरिए चांदी में निवेश कर रहे हैं। इससे चांदी की डिमांड बढ़ रही है।
सोना 137 रुपए बढ़कर 1.32 लाख रुपए पर पहुंचा आज 24 कैरेट शुद्धता वाला सोना भी 137 रुपए बढ़कर 1,32,454 रुपए प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया है। इससे पहले ये कल यानी, 17 दिसंबर को 1,32,317 रुपए पर था। वहीं सोने ने 15 दिसंबर को 1,33,442 रुपए प्रति 10 ग्राम का ऑल टाइम हाई बनाया था।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कमजोर डॉलर, वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और सुरक्षित निवेश विकल्पों की बढ़ती मांग ने चांदी की कीमतों को मजबूती दी है। इसके अलावा सोलर पैनल, इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रिक वाहनों जैसे उद्योगों में चांदी की औद्योगिक मांग भी लगातार बढ़ रही है, जिसका सीधा असर कीमतों पर पड़ा है।
घरेलू बाजार में भी निवेशकों की दिलचस्पी चांदी की ओर तेजी से बढ़ी है। सोने की तुलना में अपेक्षाकृत कम कीमत और बेहतर रिटर्न की उम्मीद के चलते छोटे और मध्यम निवेशक चांदी को आकर्षक विकल्प मान रहे हैं। ज्वैलरी और सिक्का बाजार में भी खरीदारी का रुझान मजबूत बना हुआ है।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में अगर वैश्विक आर्थिक हालात में अस्थिरता बनी रहती है, तो चांदी की कीमतों में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। हालांकि, ऊंचे स्तर पर मुनाफावसूली का दबाव भी बन सकता है, इसलिए निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।
चांदी की इस रिकॉर्ड तेजी ने सर्राफा बाजार में हलचल मचा दी है। कारोबारियों का कहना है कि कीमतें बढ़ने के बावजूद लंबी अवधि के निवेशकों का भरोसा इस कीमती धातु पर बना हुआ है और यही इसकी मजबूती का सबसे बड़ा कारण है।


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