पंजाब में पेंशनरों को राहत, नवंबर में लगेंगे जीवन प्रमाण-पत्र कैंप

पंजाब में पेंशनरों को राहत, नवंबर में लगेंगे जीवन प्रमाण-पत्र कैंप

फिरोजपुर, 29 अक्टूबर 2026 |पंजाब में पेंशनरों और पारिवारिक पेंशन पाने वालों की सुविधा के लिए रेलवे के फिरोजपुर मंडल ने डिजिटल जीवन प्रमाण-पत्र अभियान 5.0 के तहत विशेष कैंप लगाने की घोषणा की है। यह अभियान 1 नवंबर से 30 नवंबर 2026 तक चलेगा। इसके तहत फिरोजपुर, लुधियाना, जालंधर और अमृतसर में निर्धारित तारीखों पर कैंप लगाए जाएंगे। इन शिविरों में पेंशनरों को डिजिटल जीवन प्रमाण-पत्र बनवाने और जमा करने की प्रक्रिया में सहायता मिलेगी। 

इस पहल का मुख्य उद्देश्य बुजुर्ग पेंशनरों को जीवन प्रमाण-पत्र जमा करने के लिए बार-बार बैंक या संबंधित कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत देना है। कैंप में डिजिटल प्रक्रिया की जानकारी देने के साथ स्वास्थ्य जांच की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।

रेलवे बोर्ड के दिशा-निर्देशों के अनुसार फिरोजपुर रेलवे मंडल की ओर से डिजिटल जीवन प्रमाण-पत्र अभियान 5.0 के तहत पेंशनरों और पारिवारिक पेंशनरों की सुविधा के लिए विभिन्न स्थानों पर विशेष कैंप लगाए जाएंगे। यह अभियान 1 नवंबर से 30 नवंबर 2026 तक चलाया जाएगा।

इसका मुख्य उद्देश्य पेंशनरों के लिए जीवन प्रमाण-पत्र जमा करवाने की प्रक्रिया को आसान, डिजिटल और सुविधाजनक बनाना है, ताकि उन्हें बैंकों या पेंशन वितरण कार्यालयों के बार-बार चक्कर न लगाने पड़ें। मंडल की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, फिरोजपुर मंडल कार्यालय में 28 अक्टूबर, 4 नवंबर और 13 नवंबर को सुबह 11 बजे कैंप लगाए जाएंगे। इसी तरह लुधियाना के हित निरीक्षक कार्यालय में 5 और 12 नवंबर, जालंधर शहर में 3 और 17 नवंबर तथा अमृतसर के हित निरीक्षक कार्यालय में 6 और 20 नवंबर को सुबह 11 बजे कैंप लगाए जाएंगे। इन कैंपों के दौरान पेंशनरों को डिजिटल जीवन प्रमाण-पत्र बनवाने और जमा करवाने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी देने के साथ-साथ जरूरी सहायता भी उपलब्ध करवाई जाएगी।

कैंप में आने वाले पेंशनरों को अपना आधार कार्ड नंबर, मोबाइल नंबर, पेंशन से संबंधित विवरण, पासपोर्ट साइज फोटो और बैंक खाते की जानकारी साथ लाने की सलाह दी गई है। इस अभियान के दौरान स्वास्थ्य जांच कैंप भी लगाए जाएंगे, ताकि पेंशनरों को स्वास्थ्य जांच की सुविधा मिल सके। रेलवे मंडल ने सभी पेंशनरों और पारिवारिक पेंशनरों से अपील की है कि वे इन कैंपों का अधिक से अधिक लाभ उठाएं और निर्धारित समय के भीतर अपना जीवन प्रमाण-पत्र जमा करवाना सुनिश्चित करें।

क्या है डिजिटल जीवन प्रमाण-पत्र?

डिजिटल जीवन प्रमाण-पत्र को ‘जीवन प्रमाण’ भी कहा जाता है। यह आधार आधारित बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के माध्यम से तैयार किया जाता है। सफल प्रमाणीकरण के बाद प्रमाण-पत्र डिजिटल रूप में उपलब्ध हो जाता है और संबंधित पेंशन वितरण एजेंसी इसे ऑनलाइन प्राप्त कर सकती है।

इस सुविधा से पेंशनरों को हर बार व्यक्तिगत रूप से बैंक या पेंशन कार्यालय पहुंचने की परेशानी कम हो सकती है। पेंशनर जीवन प्रमाण ऐप, अधिकृत केंद्रों या संबंधित सेवा केंद्रों के माध्यम से भी यह प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।

पेंशनरों को क्या होगा फायदा?

इन कैंपों से बुजुर्गों और उन पेंशनरों को विशेष सुविधा मिल सकती है, जिन्हें दस्तावेज जमा करने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। डिजिटल प्रमाण-पत्र बनवाने में सहायता मिलने से प्रक्रिया समझना आसान होगा। साथ ही, स्वास्थ्य जांच की सुविधा भी पेंशनरों के लिए उपयोगी साबित हो सकती है।

रेलवे मंडल ने पेंशनरों और पारिवारिक पेंशन पाने वालों से अपील की है कि वे निर्धारित समय के भीतर अपना जीवन प्रमाण-पत्र जमा करना सुनिश्चित करें। कैंप में जाने से पहले संबंधित कार्यालय से तारीख और स्थान की पुष्टि कर लेना उचित रहेगा।