चांदी ने रचा इतिहास: पहली बार ₹3 लाख के पार, एक दिन में ₹14 हजार की जोरदार छलांग
नई दिल्ली, 19 जनवरी 2026 । कीमती धातुओं के बाजार में चांदी ने नया इतिहास रच दिया है। पहली बार चांदी की कीमत ₹3 लाख प्रति किलो के पार पहुंच गई है। एक ही दिन में करीब ₹14 हजार की बड़ी बढ़त दर्ज होने से निवेशकों और सर्राफा बाजार में हलचल मच गई है। यह उछाल न सिर्फ रिकॉर्डतोड़ है, बल्कि आने वाले समय में चांदी की भूमिका को लेकर नई बहस भी छेड़ रहा है।
चांदी के दाम आज यानी, सोमवार 19 जनवरी को MCX पर 3 लाख रुपए प्रति किलो पहुंच गए हैं। इसमें 14 हजार रुपए से ज्यादा की तेजी आई है। शुक्रवार को चांदी 2.87 लाख के करीब थी।
MCX पर 15 दिसंबर 2025 के आसपास चांदी पहली बार 2 लाख रुपए पर पहुंची थी। यानी चांदी को 2 लाख से 3 लाख रुपए तक पहुंचने में सिर्फ 1 महीने का समय लगा। वहीं इसे 1 से 2 लाख तक पहुंचने में 9 महीने, जबकि 50 हजार से 1 लाख तक पहुंचने में 14 साल लगे थे।
हालांकि, सर्राफा बाजार में चांदी आज करीब 12 हजार रुपए बढ़कर 2.94 लाख रुपए किलो पर है। ऐसे में कई लोगों के मन में सवाल है कि चांदी के दाम इतने क्यों बढ़ रहे हैं? क्या ये चांदी खरीदने का सही समय है? चांदी में निवेश के सेफ तरीके कौन-कौन से हैं?
सोने से तेज भागी चांदी
हाल के महीनों में चांदी ने रिटर्न के मामले में सोने को भी पीछे छोड़ दिया है। जहां सोना अपेक्षाकृत स्थिर बढ़त दिखा रहा है, वहीं चांदी में तेज और आक्रामक मूवमेंट देखने को मिल रहा है। यही वजह है कि बड़े निवेशकों के साथ-साथ छोटे निवेशक भी चांदी को पोर्टफोलियो में शामिल करने पर विचार कर रहे हैं।
सर्राफा बाजार पर सीधा असर
चांदी के ₹3 लाख के पार पहुंचते ही सर्राफा बाजार में कीमतों में भारी उछाल देखने को मिला है। चांदी के गहने, सिक्के और बार महंगे हो गए हैं। हालांकि ऊंचे दामों के चलते खुदरा खरीदारी पर कुछ असर जरूर पड़ा है, लेकिन निवेश उद्देश्य से मांग बनी हुई है।
निवेशकों के लिए संकेत
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी तेज बढ़त के बाद अल्पकाल में उतार-चढ़ाव संभव है, लेकिन लंबी अवधि में चांदी की मांग मजबूत बनी रह सकती है। औद्योगिक उपयोग और सुरक्षित निवेश—दोनों की वजह से चांदी आने वाले समय में भी निवेशकों के रडार पर बनी रह सकती है।


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