लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की तैयारी? विपक्षी दलों की रणनीति तेज
नई दिल्ली, 09 फ़रवरी 2026 । संसद के मौजूदा सत्र के बीच विपक्षी दलों में हलचल तेज हो गई है। सूत्रों के मुताबिक, विपक्ष लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की संभावना पर विचार कर रहा है। यह कदम सदन की कार्यवाही के संचालन और विपक्ष को पर्याप्त अवसर न मिलने के आरोपों के संदर्भ में उठाया जा सकता है।
लोकसभा के नियमों के अनुसार, स्पीकर के खिलाफ प्रस्ताव लाने के लिए सदन में निर्धारित संख्या में सांसदों का समर्थन जरूरी होता है। आम तौर पर कम से कम 50 सदस्यों का समर्थन नोटिस स्वीकार किए जाने के लिए आवश्यक माना जाता है। प्रस्ताव पेश होने के बाद उस पर चर्चा और मतदान की प्रक्रिया तय होती है।
विपक्ष लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव ला सकता है। न्यूज एजेंसी IANS ने सूत्रों के हवाले से ये जानकारी दी है। यह प्रस्ताव पेश करने के लिए कम से कम 50 सांसदों का समर्थन जरूरी होता है। इसके लिए सदन में 14 दिन पहले लिखित नोटिस देना होता है।
इससे पहले बजट सत्र के 9वें दिन यानी सोमवार की शुरुआत हंगामे से हुई। विपक्ष राहुल गांधी को बोलने देने की मांग कर रहा है। लोकसभा स्पीकर ने कहा कि प्रश्नकाल के बाद अपनी बात रखें। विपक्ष के नेता इसके बाद भी नहीं माने और हंगामा जारी रखा।
इसके बाद लोकसभा स्पीकर ने संसद को 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया। इससे पहले इसे 12 बजे तक के लिए स्थगित किया गया था।
विपक्ष का आरोप है कि हाल के महत्वपूर्ण विधेयकों और मुद्दों पर चर्चा के दौरान उनकी आवाज को पर्याप्त समय नहीं दिया गया। वहीं सत्तापक्ष का कहना है कि स्पीकर ने नियमों के तहत ही कार्यवाही संचालित की है और सदन की गरिमा बनाए रखने का काम किया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम संसद में शक्ति संतुलन और रणनीतिक दबाव की राजनीति का हिस्सा भी हो सकता है। हालांकि, अविश्वास प्रस्ताव पारित होना संख्या बल पर निर्भर करता है, और मौजूदा समीकरणों को देखते हुए इसका परिणाम राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण संकेत देगा।
आने वाले दिनों में यदि औपचारिक नोटिस दिया जाता है, तो यह संसद सत्र का सबसे बड़ा मुद्दा बन सकता है और राष्ट्रीय राजनीति में नई बहस छेड़ सकता है।


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