आरोप: गाजा में प्रतिबंधित वैक्यूम बम के इस्तेमाल का दावा, बढ़ा अंतरराष्ट्रीय दबाव
वाशिंगटन, 12 फ़रवरी 2026 । गाजा में सैन्य कार्रवाई के दौरान इजराइल पर कथित तौर पर प्रतिबंधित “वैक्यूम बम” (थर्मोबैरिक हथियार) इस्तेमाल करने के आरोप लगे हैं। कुछ अंतरराष्ट्रीय संगठनों और स्थानीय सूत्रों ने दावा किया है कि हमलों के बाद हुए व्यापक विस्फोट और दबाव तरंग (blast wave) के प्रभाव ऐसे हथियारों से मेल खाते हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है, और इजराइल की ओर से आधिकारिक रूप से इस तरह के हथियार के इस्तेमाल को लेकर कोई स्वीकारोक्ति नहीं की गई है।
इजराइल पर गाजा में ‘वैक्यूम बम’ इस्तेमाल करने का आरोप लगा है। रिपोर्ट ‘द रेस्ट ऑफ द स्टोरी’ के मुताबिक, ये बम पहले हवा में ईंधन जैसा एक बादल फैलाते हैं और फिर उसमें आग लगा देते हैं। इससे बहुत बड़ा आग का गोला बनता है और आसपास की हवा खिंचकर एक तरह का जीरो (वैक्यूम) पैदा हो जाता है।
इन धमाकों से तापमान 3,500 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है। इन बमों में एल्यूमिनियम और मैग्नीशियम जैसे तत्व होते हैं, जो कुछ ही सेकेंड में शरीर को जला देते हैं।
मिलिट्री एक्सपर्ट्स और चश्मदीदों का भी कहना है कि इजराइल ने वहां ऐसे हथियारों का इस्तेमाल किया, जिन्हें ‘वैक्यूम बम’, ‘थर्मल’ या ‘थर्मोबैरिक’ बम कहा जाता है।
रिपोर्ट के मुताबिक, हमलों में मारे गए कई लोगों के शव तक नहीं मिले। गाजा की सिविल डिफेंस टीम ने 2,842 ऐसे फिलिस्तीनियों का रिकॉर्ड दर्ज किया है, जिनके बारे में कहा गया कि दफनाने के लिए उनका कोई हिस्सा तक नहीं बचा। वहीं 3,500 से ज्यादा लोग अब भी लापता हैं।
थर्मोबैरिक या तथाकथित वैक्यूम बम हवा में मौजूद ऑक्सीजन का उपयोग कर उच्च ताप और तीव्र दबाव उत्पन्न करते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे हथियार बंद संरचनाओं और घनी आबादी वाले इलाकों में अधिक विनाशकारी प्रभाव डाल सकते हैं। अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून (IHL) के तहत किसी भी हथियार का उपयोग नागरिकों को निशाना बनाकर या अंधाधुंध तरीके से नहीं किया जा सकता। हालांकि “वैक्यूम बम” पर सार्वभौमिक, स्पष्ट वैश्विक प्रतिबंध नहीं है, लेकिन इनके इस्तेमाल पर कड़े मानवीय नियम लागू होते हैं।
संयुक्त राष्ट्र और विभिन्न मानवाधिकार समूहों ने घटनाओं की निष्पक्ष जांच की मांग की है। वे यह भी कह रहे हैं कि यदि नागरिक आबादी को नुकसान पहुंचाने वाले प्रतिबंधित या अंधाधुंध हथियारों का इस्तेमाल हुआ है, तो इसकी जवाबदेही तय की जानी चाहिए। दूसरी ओर, इजराइली अधिकारियों का कहना है कि उनकी सैन्य कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय कानून के दायरे में है और वे आतंकवादी ठिकानों को निशाना बना रहे हैं।
यह मुद्दा पहले से संवेदनशील इजराइल-गाजा संघर्ष को और जटिल बना सकता है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें संभावित जांच, साक्ष्यों और आधिकारिक बयानों पर टिकी हैं।


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