सुप्रीम कोर्ट का आदेश – स्कूल, अस्पताल से आवारा कुत्ते हटाएं, नगर निकायों को कड़ी कार्रवाई के निर्देश
नई दिल्ली, 07 नवम्बर 2025 । देश में लगातार बढ़ रही स्ट्रे डॉग बाइट घटनाओं और सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा है कि स्कूल, अस्पताल और सार्वजनिक संस्थानों के आसपास से आवारा कुत्तों को हटाया जाए, ताकि बच्चों, मरीजों और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तों को स्कूल, कॉलेज, अस्पताल और बस स्टैंड से दूर रखने के आदेश दिए हैं। कोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि स्कूल-कॉलेज और अस्पतालों में बाड़ लगाई जाए, ताकि कुत्ते वहां न पहुंच सकें।
कोर्ट ने कहा कि पकड़े गए आवारा कुत्तों को उसी जगह पर वापस नहीं छोड़ा जाएगा, जहां से उन्हें उठाया गया था। उन्हें शेल्टर होम में रखा जाएगा।
कोर्ट ने सभी नेशनल और स्टेट हाईवे से आवारा पशु हटाने का आदेश भी दिया। सभी राज्यों के मुख्य सचिव इन आदेशों का सख्ती से पालन कराने को कहा है।
इस मामले में 3 हफ्ते में स्टेटस रिपोर्ट और हलफनामा मांगी गई है। अगली सुनवाई 13 जनवरी को होगी।
राजस्थान हाईकोर्ट ने 3 महीने पहले यही आदेश दिया
राजस्थान हाईकोर्ट ने 3 महीने पहले सरकारी एजेंसियों को सड़कों से आवारा जानवरों को हटाने का आदेश दिया था। कार्रवाई को प्रभावित करने वालों के खिलाफ FIR के आदेश भी दिए थे। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि राजस्थान हाईकोर्ट का फैसला पूरे देश में लागू होगा।
कोर्ट के आदेश की 5 बड़ी बातें
- सभी नेशनल हाईवे पर आवारा पशुओं की मौजूदगी की सूचना देने के लिए हेल्पलाइन नंबर लगाने होंगे।
- सभी राज्यों के मुख्य सचिव निर्देशों का सख्ती से पालन कराएंगे। स्टेटस रिपोर्ट और हलफनामा 3 हफ्ते में दायर किया जाए।
- राज्य सरकारें और UT 2 हफ्ते में ऐसे सरकारी और निजी स्कूल-कॉलेज, अस्पतालों की पहचान करेंगी, जहां आवारा जानवर और कुत्ते घूमते हैं। उनकी एंट्री रोकने के लिए बाड़ लगाई जाएगी।
- कैंपस और बाड़ के रखरखाव के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त होगा। नगर निगम, नगर पालिका और पंचायत 3 महीने में कम से कम एक बार इन कैंपस की जांच करें।
- पकड़े गए आवारा कुत्तों को उसी जगह वापस नहीं छोड़ा जाएगा, जहां से उन्हें उठाया गया था।
नगर निगमों को रिपोर्ट पेश करनी होगी कि कितने क्षेत्रों में कार्रवाई हुई, कितने शेल्टर्स तैयार किए गए और कितने कुत्तों को वैक्सीनेट किया गया।
यह आदेश उन शहरों में बड़ी राहत माना जा रहा है जहां स्कूलों के बाहर कुत्तों के झुंडों से आम लोग परेशान हैं।


RashtriyaPravakta