सुप्रीम कोर्ट बोला — अनिल अंबानी देश नहीं छोड़ेंगे बिना अनुमति जांच के दौरान प्रतिबंध और SIT गठन

सुप्रीम कोर्ट बोला — अनिल अंबानी देश नहीं छोड़ेंगे बिना अनुमति जांच के दौरान प्रतिबंध और SIT गठन

नई दिल्ली, 05 फ़रवरी 2026 । सुप्रीम कोर्ट ने अनिल धीरूभाई अंबानी से जुड़े बैंक ऋण धोखाधड़ी (लगभग ₹40,000 करोड़) और संबंधित जांचों के सिलसिले में आज (4 फरवरी 2026) महत्वपूर्ण बातें कही हैं। अदालत ने जाँच एजेंसियों — CBI (Central Bureau of Investigation) और ED (Enforcement Directorate) — को निर्देश दिया है कि वे निष्पक्ष, तेज़ और समयबद्ध जांच करें और जल्द से जल्द मामले को तार्किक निष्कर्ष तक पहुँचाएँ। इसके लिए विशेष जांच दल (SIT) गठित करने का भी आदेश दिया गया है।

सुप्रीम कोर्ट ने अनिल धीरुभाई अंबानी ग्रुप (ADAG) जुड़े ₹40 हजार करोड़ के बैंक फ्रॉड केस में जांच एजेंसियों पर नाराजगी जताई। कोर्ट ने कहा- CBI और ED जांच में देरी का कारण नहीं बता सकीं। दोनों एजेंसियां पहले ही काफी समय ले चुकी हैं। आगे ऐसी ढिलाई बर्दाश्त नहीं करेंगे।

चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस विपुल एम. पंचोली की बेंच ने CBI और ED से चार हफ्ते में ताजा स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है। कोर्ट ने यह रिकॉर्ड किया कि अनिल अंबानी उसकी पूर्व अनुमति के बिना देश नहीं छोड़ेंगे।

असल में याचिकाकर्ता और पूर्व आईएएस अफसर ईएएस सरमा ने अनिल के देश छोड़ने की आशंका जताई थी। सुनवाई के दौरान अनिल अंबानी ने अपने वकील मुकुल रोहतगी के जरिए कोर्ट को आश्वासन दिया कि वे कोर्ट की अनुमति के बिना देश नहीं छोड़ेंगे। सुनवाई के दौरान दावा किया गया कि मामले में देरी अनपेक्षित रूप से बढ़ रही है और संभवतः इससे जांच प्रभावित हो सकती है, खासकर यह चिंता जताई गई कि मुख्य आरोपी अनिल अंबानी देश छोड़ने का प्रयास कर सकते हैं। इसके मद्देनज़र सुप्रीम कोर्ट में उनके वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी ने यह आश्वासन (undertaking) दिया कि अनिल अंबानी बिना अदालत की अनुमति के भारत नहीं छोड़ेंगे। अदालत ने इस प्रतिबद्धता को रिकॉर्ड पर लिया और संबंधित एजेंसियों से यह सुनिश्चित करने को कहा कि वह अनिल अंबानी को भारत से बाहर जाने से नहीं रोकें, जब तक अदालत की अनुमति न मिले।

सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट करते हुए कहा है कि अभी कोई सख्त या कठोर आदेश तो नहीं दिया गया है, लेकिन मामले की गंभीरता और धन की मात्रा को देखते हुए प्राधिकरणों से तेज़ और स्वतंत्र कार्रवाई की अपेक्षा रखी गई है। अदालत ने ED और CBI को चार सप्ताह के भीतर जांच प्रगति की डिटेल्ड स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है।

यह मामला अनिल अंबानी और उनके समूह ADAG (Anil Dhirubhai Ambani Group) से जुड़ी कंपनियों के कथित बड़े पैमाने पर बैंक ऋण के अनुचित उपयोग, धन के गबन और अनियमित लेनदेन से जुड़ा है। आरोप हैं कि बैंकिंग लेन-देन में धोखाधड़ी और नकली दस्तावेज़ / गारंटी का दुरुपयोग हुआ है, जिनकी जांच आगे विस्तार से की जा रही है।