सुप्रीम कोर्ट ने कहा: बांग्लादेश भेजी गई गर्भवती महिला को वापस लाया जाए — एक अहम फैसला और इसके मायने

सुप्रीम कोर्ट ने कहा: बांग्लादेश भेजी गई गर्भवती महिला को वापस लाया जाए — एक अहम फैसला और इसके मायने

नई दिल्ली, 03 दिसंबर 2025 । हाल ही में, Supreme Court of India (भारत) ने उस निर्णय की निंदा की है जिसमें एक गर्भवती महिला को उसके बेबस स्थितियों के बावजूद बांग्लादेश वापस भेज दिया गया था, और कोर्ट ने निर्देश दिया है कि उसे तुरंत भारत लौटाया जाए।

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को केंद्र सरकार से कहा कि वह नौ महीने की गर्भवती सुनाली खातून और उसके 8 साल के बच्चे को बांग्लादेश से वापस लाए। अदालत ने कहा कि कानून को कभी-कभी इंसानियत के आगे झुकना होता है।

यह फैसला उस याचिका पर सुनवाई के दौरान आया, जिसमें बांग्लादेश डिपोर्ट किए गए परिवार को वापस भारत लाने की मांग की गई थी। चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच मामले की सुनवाई कर रही थी।

दरअसल सुनाली खातून और परिवार के 5 लोगों को बांग्लादेशी होने का शक में जून में दिल्ली से हिरासत में लिया गया था। इसके बाद 27 जून को उन्हें सीमा पार बांग्लादेश भेज दिया गया था। कोर्ट इस मामले में आगे की कार्यवाही 10 दिसंबर को करेगा, जिसमें परिवार के अन्य सदस्यों की वापसी पर सुनवाई होगी।

सुप्रीम कोर्ट का यह आदेश सिर्फ एक व्यक्ति के लिए न्याय नहीं, बल्कि पूरे न्याय-तंत्र और समाज के लिए एक संदेश है — कि चाहे परिस्थितियाँ कितनी भी जटिल हों, मानव गरिमा, मातृत्व, संवेदनशीलता और न्याय को प्राथमिकता दी जाएगी।
यह फैसला हमें याद दिलाता है कि कानून सिर्फ लिखित नियम नहीं, बल्कि मानवता और संवेदनशील दृष्टिकोण का मिश्रण है।