शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद की मुश्किलें बढ़ीं, मेडिकल रिपोर्ट पर विवाद; इलाहाबाद HC में सुनवाई
इलाहाबाद, 26 फ़रवरी 2026 । धार्मिक गुरु Swami Avimukteshwaranand Saraswati से जुड़े मामले में नई कानूनी हलचल देखने को मिली है। आरोपों से संबंधित मेडिकल रिपोर्ट को लेकर गंभीर दावे सामने आए हैं, जिसके बाद मामला न्यायिक समीक्षा के दायरे में पहुंच गया है। इस प्रकरण पर Allahabad High Court में कल सुनवाई निर्धारित है।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ यौन उत्पीड़न के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है. सूत्रों का कहना है कि पीड़ित नाबालिग बच्चों के मेडिकल रिपोर्ट में उनके साथ यौन उत्पीड़न की पुष्टि हुई है. पुलिस ने बुधवार को ही पीड़ित दोनों बच्चों का मेडिकल टेस्ट कराया था. माना जा रहा है कि मेडिकल रिपोर्ट के आने के बाद स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की मुश्किलें बढ़ सकती हैं और उनके खिलाफ कानून का शिकंजा भी कसा जा सकता है.
इससे पहले शिकायतकर्ता आशुतोष ब्रह्मचारी ने भी बच्चों के साथ कुकर्म की पुष्टि होने की बात कही थी. सूत्रों के अनुसार, मेडिकल रिपोर्ट में भी बच्चों के साथ कुकर्म किए जाने की पुष्टि हुई है. अब इलाहाबाद हाईकोर्ट में कल शुक्रवार को स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की अग्रिम जमानत अर्जी पर सुनवाई होनी है. सुनवाई के दौरान पुलिस की ओर से हाईकोर्ट में मेडिकल रिपोर्ट भी रखी जाएगी.
मामले में शिकायतकर्ता पक्ष का कहना है कि मेडिकल रिपोर्ट उनके आरोपों का समर्थन करती है, जबकि बचाव पक्ष ने आरोपों को निराधार बताते हुए रिपोर्ट की व्याख्या और प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। अदालत में यह भी मुद्दा उठ सकता है कि जांच की प्रक्रिया, साक्ष्य संकलन और रिपोर्ट की प्रमाणिकता किन मानकों के तहत परखी गई।
कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे संवेदनशील मामलों में मेडिकल साक्ष्य महत्वपूर्ण होते हैं, लेकिन अंतिम निष्कर्ष न्यायालय में पेश समग्र साक्ष्यों—गवाहों के बयान, दस्तावेजी रिकॉर्ड और फॉरेंसिक विश्लेषण—के आधार पर ही तय होते हैं।
फिलहाल मामला न्यायालय में विचाराधीन है। सुनवाई के दौरान अदालत जांच एजेंसियों से प्रगति रिपोर्ट मांग सकती है या आगे की कार्यवाही के निर्देश दे सकती है। दोनों पक्षों की दलीलों के बाद ही अगला कानूनी कदम स्पष्ट होगा।


RashtriyaPravakta