नए सत्र के पहले दिन CBSE स्कूलों में बढ़ेगी परेशानी: अध्यापकों, विद्यार्थियों और अभिभावकों के लिए चुनौतीपूर्ण शुरुआत

नए सत्र के पहले दिन CBSE स्कूलों में बढ़ेगी परेशानी: अध्यापकों, विद्यार्थियों और अभिभावकों के लिए चुनौतीपूर्ण शुरुआत

लुधियाना , 28  मार्च 2026 । देशभर के Central Board of Secondary Education (CBSE) स्कूलों में नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत इस बार आसान नहीं रहने वाली है। पहले ही दिन अध्यापकों, विद्यार्थियों और अभिभावकों को कई नई व्यवस्थाओं और बदलावों के कारण दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है, जिससे शुरुआत थोड़ी तनावपूर्ण हो सकती है।

हैरानी की बात यह है कि स्कूलों में 1 अप्रैल से शुरू हो रहे नए शैक्षिक सैशन को लेकर जहां एक ओर तैयारियां जोरों पर हैं, वहीं दूसरी ओर 9वीं कक्षा के विद्यार्थियों, उनके अभिभावकों और अध्यापकों के लिए यह नया सेशन भारी टैंशन लेकर आने वाला है। एन.सी.ई.आर.टी. द्वारा 9वीं कक्षा के सिलेबस में किए गए बड़े बदलावों के बाद आलम यह है कि नया सैशन सिर पर होने के बावजूद बाजार से किताबें पूरी तरह गायब हैं। किताबों के बदलने का नोटिफिकेशन फरवरी के अंत में ही आ गया था लेकिन इसके बावजूद समय पर किताबों की छपाई और दुकानों पर इनकी उपलब्धता सुनिश्चित नहीं हो सकी है।

सबसे बड़ी वजह नई गाइडलाइंस और प्रशासनिक बदलाव माने जा रहे हैं। इस सत्र से कई स्कूलों में अपडेटेड सिलेबस लागू किया जा रहा है, जिसमें विषयवस्तु के साथ-साथ मूल्यांकन पद्धति में भी बदलाव किए गए हैं। इससे शिक्षकों को पढ़ाने के तरीके में बदलाव करना पड़ेगा, जबकि विद्यार्थियों को नए पैटर्न के अनुसार खुद को ढालना होगा।

इसके अलावा, कई स्कूलों में डिजिटल उपस्थिति, ऑनलाइन-ऑफलाइन हाइब्रिड मॉनिटरिंग और नई रिपोर्टिंग सिस्टम लागू किए जा रहे हैं। पहले दिन इन तकनीकी व्यवस्थाओं को समझने और लागू करने में समय लग सकता है, जिससे कक्षाओं का संचालन प्रभावित हो सकता है।

अभिभावकों के लिए भी यह दिन चुनौतीपूर्ण हो सकता है। फीस स्ट्रक्चर, नई किताबों की सूची, यूनिफॉर्म अपडेट और स्कूल टाइमिंग में बदलाव जैसी चीजें उन्हें उलझन में डाल सकती हैं। कई जगहों पर बस रूट और ट्रांसपोर्ट सिस्टम में बदलाव की वजह से भी परेशानी की संभावना है।

साथ ही, कुछ स्कूलों में सुरक्षा और अनुशासन को लेकर नए नियम लागू किए गए हैं, जैसे एंट्री-एग्जिट सिस्टम में बदलाव, आईडी कार्ड अनिवार्यता और विजिटर मैनेजमेंट सिस्टम। पहले दिन इन नियमों के कारण गेट पर भीड़ और देरी की स्थिति बन सकती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि ये बदलाव लंबे समय में शिक्षा प्रणाली को बेहतर बनाएंगे, लेकिन शुरुआती दिनों में समन्वय की कमी के कारण थोड़ी अव्यवस्था रहना स्वाभाविक है। स्कूल प्रशासन भी पहले सप्ताह को “एडजस्टमेंट पीरियड” मानकर चल रहा है और सभी हितधारकों से सहयोग की अपील कर रहा है।