ट्रम्प ने सभी देशों पर 10% नया टैरिफ लगाया, वैश्विक व्यापार में हलचल
वॉशिंगटन, 21 फ़रवरी 2026 । अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump द्वारा सभी देशों पर 10% नए टैरिफ लगाने की घोषणा ने वैश्विक व्यापार जगत में हलचल पैदा कर दी है। इस कदम को “अमेरिका फर्स्ट” नीति के तहत घरेलू उद्योगों को बढ़ावा देने और आयात पर निर्भरता घटाने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के टैरिफ रद्द करने के फैसले के 3 घंटे के अंदर डोनाल्ड ट्रम्प ने दुनियाभर पर 10% ग्लोबल टैरिफ लगा दिया है। उन्होंने शुक्रवार को एक आदेश पर हस्ताक्षर कर इसे लागू कर दिया। यह टैरिफ 24 फरवरी से दुनियाभर के देशों पर लागू हो जाएगा।
इससे पहले शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के ग्लोबल टैरिफ को अवैध बताते हुए रद्द कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने 6-3 के बहुमत से फैसला सुनाते हुए कहा कि संविधान के तहत टैक्स और टैरिफ लगाने का अधिकार राष्ट्रपति को नहीं, सिर्फ संसद को है।
ट्रम्प ने इसकी आलोचना करते हुए कहा- यह बहुत निराशाजनक है। मुझे कोर्ट के कुछ जजों पर शर्म आ रही है। वे देश के लिए कलंक हैं, उनमें हमारे देश के लिए सही काम करने की हिम्मत नहीं है। भारत के साथ ट्रेड डील पर ट्रम्प ने कहा कि, इस डील में कोई बदलाव नहीं होगा। पीएम मोदी मेरे अच्छे दोस्त हैं।
हालांकि, BBC की रिपोर्ट के मुताबिक, व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने बताया ब्रिटेन, भारत और यूरोपीय यूनियन समेत अमेरिका के साथ व्यापार समझौते करने वाले देशों को अब 10% टैरिफ का सामना करना पड़ेगा। यानी कि भारत पर अब टैरिफ 18% की जगह घटकर 10% रह जाएगा।
भारत से अमेरिका को होने वाले निर्यात—टेक्सटाइल, फार्मा, आईटी हार्डवेयर, ऑटो पार्ट्स—महंगे हो सकते हैं। हालांकि, कुछ सेक्टर में अमेरिका में उत्पादन शिफ्ट होने से भारतीय कंपनियों के लिए निवेश के नए अवसर भी खुल सकते हैं।
टैरिफ का फैसला केवल आर्थिक नहीं, बल्कि राजनीतिक संदेश भी माना जा रहा है—घरेलू मतदाताओं को यह संकेत कि अमेरिकी उद्योग और रोजगार प्राथमिकता में हैं।
10% सार्वभौमिक टैरिफ वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा कदम है। आने वाले महीनों में यह देखना अहम होगा कि अन्य देश कैसे प्रतिक्रिया देते हैं और क्या यह कदम दीर्घकालिक व्यापार समझौतों को प्रभावित करता है।


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