बांग्लादेशी नेता हादी हत्याकांड के 2 आरोपी बंगाल में गिरफ्तार, जांच में जुटी पुलिस

बांग्लादेशी नेता हादी हत्याकांड के 2 आरोपी बंगाल में गिरफ्तार, जांच में जुटी पुलिस

कोलकाता, 09 मार्च 2026 । बांग्लादेश के चर्चित नेता Hadi की हत्या से जुड़े मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने दो आरोपियों को पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी सीमा पार अपराध से जुड़े इस संवेदनशील मामले में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

पश्चिम बंगाल पुलिस की एसटीएफ ने भारत और शेख हसीना विरोधी बांग्लादेशी नेता उस्मान हादी की हत्या के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान राहुल उर्फ फैसल करीम मसूद (37) और आलमगीर हुसैन (34) के रूप में हुई है।

दोनों मेघालय सीमा से अवैध रूप से भारत में घुस आए थे और पश्चिम बंगाल के बोंगांव में छिपे थे। आरोपी सही मौके का इंतजार कर रहे थे, ताकि दोबारा बांग्लादेश लौट सकें। लेकिन इससे पहले ही एसटीएफ ने 7 और 8 मार्च की दरमियानी रात को छापेमारी कर दोनों को पकड़ लिया।

राहुल उर्फ फैसल करीम मसूद बांग्लादेश के पटुआखाली का निवासी है, जबकि आलमगीर हुसैन ढाका का रहने वाला है। पुलिस ने मामला दर्ज कर दोनों आरोपियों को रविवार को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है।

अधिकारियों ने बताया कि पूरे मामले की विस्तृत जांच जारी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आरोपियों के भारत में दाखिल होने में किसी स्थानीय नेटवर्क की भूमिका तो नहीं थी।

पुलिस के अनुसार, हत्याकांड के बाद दोनों आरोपी बांग्लादेश से भागकर भारत में दाखिल हो गए थे और पश्चिम बंगाल के अलग-अलग इलाकों में छिपे हुए थे। खुफिया जानकारी मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने संयुक्त अभियान चलाकर दोनों को पकड़ लिया। गिरफ्तारी के बाद उनसे पूछताछ की जा रही है, ताकि हत्या के पीछे की पूरी साजिश का खुलासा हो सके।

जांच एजेंसियों का कहना है कि आरोपियों ने पहचान छिपाने के लिए अलग-अलग ठिकानों पर शरण ली थी और स्थानीय नेटवर्क की मदद से पुलिस से बचने की कोशिश कर रहे थे। हालांकि सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी के कारण आखिरकार उनका पता चल गया और उन्हें हिरासत में ले लिया गया।

यह मामला इसलिए भी संवेदनशील माना जा रहा है क्योंकि इसमें अंतरराष्ट्रीय सीमा और दो देशों की सुरक्षा एजेंसियों का समन्वय शामिल है। बताया जा रहा है कि इस मामले में भारत और बांग्लादेश की एजेंसियां आपसी सहयोग के साथ जांच कर रही हैं।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के बाद यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि हत्या की साजिश में और कौन-कौन लोग शामिल थे। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि आरोपियों को सीमा पार भागने में किसने मदद की।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस गिरफ्तारी से हत्याकांड की जांच को नई दिशा मिल सकती है और जल्द ही इस पूरे मामले के पीछे की साजिश का खुलासा हो सकता है।