स्कूल मार्ग पर दोपहिया वाहनों पर लगेगी रोक, सुरक्षा के लिए गेट लगाने के निर्देश

स्कूल मार्ग पर दोपहिया वाहनों पर लगेगी रोक, सुरक्षा के लिए गेट लगाने के निर्देश

उत्तराखंड/अल्मोड़ा , 25 मार्च 2026 । स्कूलों के आसपास बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है, जिसके तहत स्कूल मार्गों पर दोपहिया वाहनों की आवाजाही पर रोक लगाने और मुख्य प्रवेश बिंदुओं पर गेट लगाने के निर्देश जारी किए गए हैं। यह कदम विशेष रूप से उन क्षेत्रों में लागू किया जा रहा है, जहां स्कूल समय के दौरान अत्यधिक यातायात और अव्यवस्था देखने को मिलती है।

ऐसे में दोपहिया वाहनों की आवाजाही से लगातार दुर्घटना की आशंका बनी रहती है, जिससे बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा खतरे में है। मामले की गंभीरता को देखते हुए मेयर ने तत्काल संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किए। उन्होंने स्पष्ट किया कि गोपालधारा मार्ग पर गेट लगाकर दोपहिया वाहनों की आवाजाही नियंत्रित की जाएगी, ताकि स्कूली बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, कई बार स्कूल खुलने और छुट्टी के समय दोपहिया वाहनों की भीड़ के कारण दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। छोटे बच्चे सड़क पार करते समय असुरक्षित महसूस करते हैं और अभिभावकों को भी चिंता बनी रहती है। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है कि स्कूल के आसपास एक सुरक्षित जोन बनाया जाए, जहां अनावश्यक वाहन प्रवेश न कर सकें।

इस योजना के तहत स्कूलों के मुख्य मार्गों पर बैरिकेडिंग या स्थायी गेट लगाए जाएंगे, जिन्हें केवल आवश्यक परिस्थितियों में ही खोला जाएगा। स्कूल प्रशासन, स्थानीय पुलिस और नगर निकाय के बीच समन्वय स्थापित कर यह सुनिश्चित किया जाएगा कि व्यवस्था सुचारू रूप से लागू हो। इसके साथ ही, अभिभावकों को भी निर्देश दिए जा रहे हैं कि वे निर्धारित स्थानों पर ही अपने बच्चों को छोड़ें और लें, ताकि भीड़भाड़ से बचा जा सके।

अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि आपातकालीन सेवाओं जैसे एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड को इस प्रतिबंध से छूट दी जाएगी। साथ ही, स्कूलों के आसपास ट्रैफिक पुलिस की तैनाती बढ़ाई जाएगी, ताकि नियमों का पालन सख्ती से कराया जा सके।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ सड़क अनुशासन को भी बेहतर बनाएगी। यदि इसे प्रभावी ढंग से लागू किया गया, तो यह मॉडल अन्य क्षेत्रों के लिए भी एक उदाहरण बन सकता है।