मणिपुर में नए डिप्टी सीएम की नियुक्ति के विरोध में हिंसा, कई इलाकों में तनाव

मणिपुर में नए डिप्टी सीएम की नियुक्ति के विरोध में हिंसा, कई इलाकों में तनाव

इंफाल, 06 फ़रवरी 2026 । मणिपुर में नए डिप्टी मुख्यमंत्री की नियुक्ति के बाद विरोध प्रदर्शन हिंसक रूप लेता नजर आया। राज्य के कई हिस्सों में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच झड़प की खबरें सामने आईं, जिससे कानून-व्यवस्था की स्थिति चुनौतीपूर्ण हो गई। प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए हैं और शांति बनाए रखने की अपील की है।

मणिपुर के चुराचांदपुर जिले में गुरुवार शाम हिंसा भड़क गई। नए उपमुख्यमंत्रियों नेम्चा किप्गेन और लोसी दिखो के शपथ ग्रहण के खिलाफ प्रदर्शन हिंसक हो गया।

जिले के तुइबोंग मेन मार्केट इलाके में सैकड़ों युवा प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षाबलों को वापस उनकी बैरक में धकेलने की कोशिश की। जब सुरक्षाबलों ने बात मानने से इनकार कर दिया तो पत्थरबाजी शुरू हो गई। कुछ लोगों ने सड़क के बीच में टायर जला दिए।

आदिवासी संगठन जॉइंट फोरम ऑफ सेवन ने कुकी-बहुल चुराचांदपुर में शुक्रवार सुबह 6 से 12 घंटे का बंद बुलाया है। वहीं, कुछ संगठनों ने नेम्चा किप्गेन को मारने वाले को 20 लाख और विधायकों एलएम खाउते, एन सेनाते को मारने वाले को 10-10 लाख इनाम देने का ऐलान किया है।

जानकारी के अनुसार, कुछ संगठनों और स्थानीय समूहों ने नए डिप्टी सीएम की नियुक्ति को लेकर असंतोष जताया। विरोध प्रदर्शन पहले शांतिपूर्ण ढंग से शुरू हुआ, लेकिन बाद में कुछ स्थानों पर आगजनी, पथराव और सड़क जाम की घटनाएं हुईं। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए भीड़ को तितर-बितर करने के उपाय किए और कई क्षेत्रों में धारा 144 लागू कर दी गई।

सरकार की ओर से कहा गया है कि नियुक्ति संवैधानिक प्रक्रिया के तहत की गई है और किसी भी प्रकार की हिंसा को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। राज्य सरकार ने सभी पक्षों से संवाद के माध्यम से समाधान निकालने की बात कही है। अधिकारियों ने बताया कि इंटरनेट सेवाओं पर भी अस्थायी रोक लगाने पर विचार किया जा रहा है ताकि अफवाहों को रोका जा सके।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मणिपुर पहले से ही सामाजिक और जातीय तनाव से जूझ रहा है, ऐसे में नेतृत्व से जुड़े फैसले संवेदनशील हो जाते हैं। नए डिप्टी सीएम की नियुक्ति ने कुछ वर्गों में असंतोष को हवा दी, जो अब सड़कों पर विरोध के रूप में दिखाई दे रहा है।

फिलहाल प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और आम लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की जा रही है। आने वाले दिनों में सरकार और विरोधी समूहों के बीच बातचीत से हालात सामान्य होने की उम्मीद जताई जा रही है।