व्हाइट हाउस ने ट्रम्प की बीमारी की अफवाहों को खारिज किया, अमेरिकी प्रशासन की पारदर्शिता पर जोर
वॉशिंगटन, 12 दिसंबर 2025 । व्हाइट हाउस ने पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की खराब सेहत को लेकर फैल रही अफवाहों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया देते हुए स्पष्ट कहा है कि ट्रम्प की बीमारी संबंधी सभी खबरें बेबुनियाद और गलत हैं। हाल के दिनों में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर ट्रम्प की स्थिति को लेकर कई अपुष्ट दावे वायरल हो रहे थे, जिनमें कुछ ने गंभीर स्वास्थ्य समस्या का भी संकेत दिया।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को गंभीर बीमारी होने की अफवाह फिर से तेज हो गई हैं। दरअसल, पिछले कुछ दिनों से बार-बार ट्रम्प के दाहिने हाथ पर बैंडेज और नीले-लाल निशान दिखाई दिए।
कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि ट्रम्प किसी बीमारी से जूझ रहे हैं या तो उन्हें हाथ में कोई इंजेक्शन लग रहा है। व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलाइन लेविट ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में इन सभी अफवाहों को खारिज कर दिया।
उन्होंने बताया कि ये निशान सिर्फ ज्यादा हैंडशेक करने की वजह से हैं। ट्रम्प हर दिन सैकड़ों-हजारों लोगों से हाथ मिलाते हैं, जिससे ऐसे निशान बन जाते हैं। इसके अलावा बढ़ती उम्र के कारण त्वचा पतली हो जाती है, जिससे मामूली दबाव या रगड़ से भी आसानी से नीला निशान (ब्रूइज) पड़ जाता है।
अमेरिकी प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि यह अफवाहें राजनीतिक माहौल को प्रभावित करने और जनमानस में भ्रम फैलाने के उद्देश्य से फैलाई जा रही हैं। व्हाइट हाउस का यह बयान राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि अमेरिकी चुनावी परिदृश्य में ट्रम्प अभी भी केंद्रीय भूमिका में बने हुए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटना दिखाती है कि चुनावी मौसम में डिसइंफॉर्मेशन कैंपेन, फेक न्यूज और गुमराह करने वाले दावे किस तरह तेजी से जनचर्चा को प्रभावित करते हैं। प्रशासन ने जोर देकर कहा है कि किसी भी सार्वजनिक व्यक्ति की स्वास्थ्य जानकारी को लेकर आधिकारिक स्रोतों के बिना निष्कर्ष निकालना खतरनाक हो सकता है।
यह मामला सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की मॉनिटरिंग, जिम्मेदार रिपोर्टिंग और सूचना के सत्यापन की आवश्यकता को एक बार फिर सामने लाता है। वहीं राजनीतिक हलकों में इस बात पर भी बहस जारी है कि क्या ऐसी अफवाहें जानबूझकर चुनावी रणनीति के तहत फैलाई जाती हैं।


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