“महाराष्ट्र में महिला हनीट्रैप गिरोह: ACP स्तर के अधिकारियों सहित कई फंसे कपट में — करोड़ों की वसूली”

“महाराष्ट्र में महिला हनीट्रैप गिरोह: ACP स्तर के अधिकारियों सहित कई फंसे कपट में — करोड़ों की वसूली”

महाराष्ट्र । 16 जुलाई 25 । महाराष्ट्र के ठाणे में एक महिला पर हनीट्रैप में फंसाकर करोड़ों रुपए ऐंठने का आरोप लगा है। उसने कई पुलिसवालों दूसरे सरकारी कर्मचारियों को अपना शिकार बनाया है।

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, ठाणे के दो बड़े पुलिस अफसर (ACP) ने इस महिला के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि महिला ने उन पर झूठे बलात्कार के आरोप लगाने की धमकी देकर उनसे 40-40 लाख रुपए मांगे थे।

जब इस मामले की जांच शुरू हुई, तो पता चला कि यह सिर्फ दो अफसरों का मामला नहीं है, कई और सरकारी अधिकारियों को निशाना बनाया गया है। यह महिला पहले भी 2016 में उगाही के एक मामले में पकड़ी गई थी।

जांच में सामने आया कि आरोपी महिला खुद को एक जरूरतमंद महिला पुलिसकर्मी या होमगार्ड बताती थी। फिर वह इसी बहाने कई IPS अफसरों, एक्साइज के अधिकारियों सहित बड़े सरकारी कर्मचारियों को निशाना बनाती थी। अधिकारियों का कहना है कि अभी कई और मामलों की जांच चल रही है और हो सकता है कि और भी पीड़ित सामने आएं।

ऐसे फंसाती थी लोगों को अपने जाल में

यह महिला लोगों को फंसाने के लिए बेहद चालाकी से काम करती थी। वह खुद को एक परेशान पूर्व-पुलिसकर्मी या विधवा बताती थी और लोगों से मदद मांगती थी। फिर वह व्हाट्सएप पर बातें करती, वीडियो कॉल करती और सामने से मिलती ताकि लोगों का विश्वास जीत सके।

इन मुलाकातों के दौरान, वह चुपचाप आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो रिकॉर्ड कर लेती थी। कभी-कभी वह मोबाइल की स्क्रीन रिकॉर्डिंग या छोटे कैमरों का इस्तेमाल करती थी। बाद में इन्हीं रिकॉर्डिंग का इस्तेमाल वह अधिकारियों को धमकाकर पैसे वसूलने के लिए करती थी, ताकि उनकी बदनामी न हो या उन पर कोई कानूनी कार्रवाई न हो।

बदनामी-नौकरी जाने के डर से अफसर चुप रहते थे

बाद में जब उसे मोटी रकम मिल जाती थी, तो वह या तो आरोपों को वापस ले लेती थी या समझौता कर लेती थी। कई बार तो बेचारे अफसर समाज में बदनामी और नौकरी जाने के डर से चुप ही रह जाते थे। एक मामले में तो, उसने एक IPS अफसर को मदद के बहाने एक होटल के कमरे में बुलाया।

वहां उसने कथित तौर पर कपड़े उतारे और चुपचाप रिकॉर्डिंग कर ली। बाद में इसी रिकॉर्डिंग से उस अफसर से पैसे वसूले। एक और मामले में, एक बड़े अफसर की पत्नी को महिला को पैसे देने पड़े, ताकि उसके पति पर बलात्कार का केस दर्ज न हो।

महाराष्ट्र के कई शहरों में फैला है ठगी का नेटवर्क

सरकारी कागजात बताते हैं कि इस महिला का जाल मुंबई, ठाणे, पुणे और नासिक जैसे बड़े शहरों तक फैला हुआ है। जिन लोगों को उसने शिकार बनाया है, उनमें महाराष्ट्र पुलिस के तीन DCP, कई आबकारी अधिकारी, सीनियर इंस्पेक्टर और असिस्टेंट कमिश्नर भी शामिल हैं।

यह महिला 2016 में भी ठाणे में क्राइम ब्रांच अफसर बनकर उगाही करने की कोशिश में पकड़ी गई थी। लेकिन जेल से छूटने के बाद भी उसने नई पहचान और झूठे दावे करके अपने गलत काम जारी रखे। महिला की जमानत अर्जी को निचली अदालत ने खारिज कर दिया था, लेकिन उसे बॉम्बे हाई कोर्ट से कुछ समय के लिए राहत मिल गई है।