मणिपुर में राष्ट्रपति शासन के खत्म होते ही वाई खेमचंद सिंह ने सरकार बनाने का दावा पेश किया

मणिपुर में राष्ट्रपति शासन के खत्म होते ही वाई खेमचंद सिंह ने सरकार बनाने का दावा पेश किया

नई दिल्ली, 04 फ़रवरी 2026 । मणिपुर में लगभग एक साल से लागू राष्ट्रपति शासन (President’s Rule) को 4 फरवरी 2026 को हटाने के बाद राजनीतिक माहौल में बड़ा बदलाव आया है। इसके साथ ही भारतीय जनता पार्टी (BJP) एवं राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के विधायक दल के नेता युमनाम (वाई) खेमचंद सिंह ने राज्यपाल से मुलाकात करके सरकार बनाने का दावा (stake claim to form government) पेश किया है, जिससे नए सरकार गठन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। स्थिति यह है कि राष्ट्रपति शासन हटने के तुरंत बाद NDA विधानसभीय दल ने खेमचंद सिंह को अपना नेता चुना और इंफाल में राज्यपाल अजय कुमार भल्ला से जाकर सरकार बनाने का दावा पेश किया, जिसमें कई विधायकों ने उनके नेतृत्व का समर्थन किया। इस कदम के बाद नए मुख्यमंत्री के रूप में उनका शपथ ग्रहण समारोह शाम 6 बजे आयोजित होने जा रहा है, जो राज्य में नई सरकार के गठन का संकेत देता है।

पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लागू होने के एक साल के भीतर NDA सरकार फिर से बहाल होने जा रही है। विधायक दल का नेता युमनाम खेमचंद सिंह बुधवार सुबह वरिष्ठ भाजपा नेताओं और विधायकों के साथ चार्टर्ड विमान से इंफाल पहुंचे और राज्यपाल अजय कुमार भल्ला से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश किया।

न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक मुख्यमंत्री के रूप में खेमचंद का शपथग्रहण शाम 6 बजे लोकभवन में होगा। खेमचंद के साथ दो सरकार में दो उपमुख्यमंत्री होंगे, ताकि सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन सुनिश्चित किया जा सके।

डिप्टी सीएम में कुकी समुदाय का प्रतिनिधित्व करने वाली नेमचा किपगेन और नागा समुदाय का प्रतिनिधित्व करने वाले लोधी दिखो होंगे। नेम्चा राज्य की पहली महिला डिप्टी सीएम होंगी। कोंथौजम गोविंदास सिंह को प्रस्तावित मंत्रिमंडल में गृह मंत्री बनाया जा सकता है। यह निर्णय ऐसे समय में आया है जब मणिपुर ने पिछले एक साल से भिन्न-भिन्न समुदायों के बीच हिंसा और अस्थिरता के बाद राष्ट्रपति शासन का अनुभव किया है। भाजपा के नेतृत्व में नए गठबंधन के तहत शांति, विकास और सुशासन को प्राथमिकता देने की बात कही जा रही है। खेमचंद के नेतृत्व में सरकार गठन के पीछे यह उम्मीद जताई जा रही है कि सामाजिक संतुलन बनाए रखते हुए राजनीतिक स्थिरता लाई जा सके।

राज्य में सरकार बनाने के इस दावे की प्रक्रिया संविधान के तहत गवर्नर के समक्ष समर्थन पत्र सौंपने और किसी पार्टी या गठबंधन के बहुमत साबित करने से जुड़ी होती है। खेमचंद सिंह को BJP विधायक दल से पहले ही नेता चुना गया था, और NDA की ओर से बैठकें आयोजित कर उनके नेतृत्व में सरकार बनाने का समर्थन जुटाया गया है।