योगी सरकार का बड़ा फैसला: आर्थिक सहायता बढ़ी, अब लाभार्थियों को मिलेंगे 3000 रुपये प्रतिमाह पेंशन
लखनऊ, 21 मई 2026 । उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार ने सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के तहत बड़ा फैसला लेते हुए आर्थिक सहायता राशि में बढ़ोतरी का ऐलान किया है। अब पात्र लाभार्थियों को मिलने वाली मासिक पेंशन 2500 रुपये से बढ़ाकर 3000 रुपये प्रतिमाह कर दी गई है। सरकार के इस फैसले से हजारों जरूरतमंद परिवारों, बुजुर्गों और लाभार्थियों को राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग द्वारा संचालित इस योजना का उद्देश्य कुष्ठ रोग से प्रभावित आर्थिक रूप से कमजोर दिव्यांगजनों को नियमित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है। योजना के अंतर्गत ऐसे सभी पात्र दिव्यांगजन लाभान्वित किए जाते हैं, जो उत्तर प्रदेश के मूल निवासी हैं, जिनके परिवार की वार्षिक आय दो लाख रुपये से अधिक नहीं है तथा जो किसी अन्य सरकारी पेंशन योजना का लाभ प्राप्त नहीं कर रहे हैं।
राज्य सरकार का कहना है कि बढ़ती महंगाई और जीवनयापन की लागत को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है। नई पेंशन राशि लागू होने के बाद लाभार्थियों को पहले की तुलना में अधिक आर्थिक सहयोग मिलेगा, जिससे उनकी दैनिक जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी।
सरकारी सूत्रों के अनुसार इस फैसले का लाभ सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जुड़े पात्र लोगों को मिलेगा। संबंधित विभागों को नई व्यवस्था लागू करने और लाभार्थियों के खातों में संशोधित राशि भेजने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। प्रशासन का दावा है कि पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और डिजिटल माध्यम से संचालित किया जाएगा ताकि किसी प्रकार की गड़बड़ी न हो।
सरकार ने इसे गरीब, बुजुर्ग, दिव्यांग और जरूरतमंद वर्गों के लिए राहतभरा कदम बताया है। अधिकारियों के मुताबिक पेंशन राशि में बढ़ोतरी से उन परिवारों को सीधा फायदा मिलेगा जो सरकारी सहायता पर निर्भर हैं। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को भी इससे बल मिलने की संभावना जताई जा रही है।
विपक्षी दलों ने हालांकि इस फैसले को लेकर सरकार पर सवाल भी उठाए हैं। कुछ नेताओं का कहना है कि महंगाई के मुकाबले यह बढ़ोतरी अभी भी पर्याप्त नहीं है, जबकि भाजपा नेताओं ने इसे गरीबों और कमजोर वर्गों के हित में बड़ा कदम बताया है।
उत्तर प्रदेश में सामाजिक सुरक्षा योजनाएं लंबे समय से राजनीतिक और सामाजिक चर्चा का केंद्र रही हैं। सरकार का दावा है कि राज्य में डिजिटल भुगतान प्रणाली के जरिए पेंशन वितरण को अधिक पारदर्शी बनाया गया है और अब लाभार्थियों तक सीधे राशि पहुंचाई जा रही है।


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